लाइनमैनों के नियमितीकरण मामले में बीएचयूए यूजीसी से मांगा जवाब
प्रयागराज,(दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में 28 वर्षों से टेलीफोन लाइनमैन के रूप में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग में दाखिल याचिका पर केंद्र सरकारए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व बी एच यू से जवाब मांगा है।
न्यायामूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने राम सिंह उर्फ शमशेर सिंह तथा अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया।
याची अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बहस की।
रजिस्ट्रार ने नियमितीकरण की मांग 18 सितंबर 2025 को पारित आदेश में खारिज कर दी हैए इसे सुप्रीम कोर्ट के जग्गो बनाम यूनियन आफ इंडिया ;2025 और भोला नाथ बनाम झारखंड राज्य ;2026 के मामलों में प्रतिपादित कानूनों का खुला उल्लंघन बताया गया। कहा गया कि जब पद स्वीकृत हैं और कार्य की प्रकृति स्थायी है , तो कर्मचारियों को अर्से तक दैनिक वेतन भोगी बनाए रखना असंवैधानिक है।
न्यायालय ने कहा कि जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह तक सभी पक्ष अपनी दलीलें और जवाब पूरा कर लें। यदि अगली तिथि तक जवाब दाखिल नहीं होता है तो उपलब्ध साक्ष्यों व अभिलेखों के आधार पर ही मामले का अंतिम फैसला कर दिया जाएगा। याचिका अधिवक्ता विकाश कुमार और अमित शुक्ला के माध्यम से दायर की गई है।

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