जल जीवन मिशन में फील्ड टेस्टिंग किट से ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार
लखनऊ, 28 मई ( वार्ता) उत्तर प्रदेश सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत फील्ड टेस्टिंग किट अभियान को महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन का माध्यम बनाया है।आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि राज्य के 97,000 से ज्यादा गांवों में महिलाओं के विशेष समूहों को इस काम से जोड़कर सरकार न सिर्फ ग्रामीण इलाकों में साफ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुनिश्चित कर रही है, बल्कि महिलाओं को तकनीकी रूप से भी सक्षम बना रही है। गांवों में पानी की शुद्धता जांचने पर मिलने वाला मानदेय ग्रामीण महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का नया जरिया बन गया है।
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव एवं कार्यकारी निदेशक प्रभास कुमार ने बताया कि मिशन के तहत लगभग सभी ग्राम पंचायतों और राजस्व गांवों में 5 महिलाओं के समूहों को फील्ड टेस्टिंग किट दिए गए हैं। फिलहाल राज्य के करीब 97,070 गांवों में प्रशिक्षित महिलाएं सक्रिय रूप से पानी की गुणवत्ता जांच कर रही हैं।
श्री कुमार ने बताया कि महिलाएं अपने क्षेत्र में पेयजल स्रोतों और घरेलू नलों से नियमित रूप से पानी के नमूने ले रही हैं। इस काम की निरंतरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 63,700 पानी के नमूनों की जांच हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर ये महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट के जरिए पाइपलाइन, ट्यूबवेल और अन्य पेयजल स्रोतों में हानिकारक रसायनों और बैक्टीरिया की पहचान कर रही हैं। संदिग्ध या दूषित स्रोत मिलने पर वे तुरंत विभाग को सूचना देती हैं, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को तुरंत रोका जा सके। पहले पानी की जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, अब किट के जरिए दूषित स्रोत मिलने पर तुरंत कार्रवाई संभव हो गई है।

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