गाय के माध्यम से सनातन धर्म की नीवं पर किया जा रहा प्रहार , तेजी से हो रहा गोवध : शंकराचार्य


प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गाय भारतीय सभ्यता की जड़ है , जड़ काट दी तो पेड़ समाप्त हो जाएगा।

        जगद्गुरु शंकराचार्य  ने अपने 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा के 23वें दिन सोमवार को प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में पहुंचे। यहां पर उन्होंने सभी पांच विधानसभाओं में गौरक्षा का संकल्प लिया। लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि गाय भारतीय सभ्यता की जड़ है , जड़ काट दी तो पेड़ समाप्त हो जाएगा।

        उन्होंने कहा कि गाय के माध्यम से सनातन धर्म के मूल पर प्रहार किया जा रहा है। गौ हत्या केवल पशु.वध नहीं है , यह इस सभ्यता की नींव पर प्रहार है। देवताओं की शक्ति का स्रोत विष्णु हैं। इस संसार में विष्णु की शक्ति का आधार सनातन धर्म है और सनातन धर्म के तीन  ब्रह्म  गौ  और विप्र स्तंभ हैं ।

इन तीनों को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। सनातन ढहा तो देवता कमजोर होंगे। देवता कमजोर हुए तो विष्णु कमजोर होंगे।

   शंकराचार्य ने कहा यह वही तीन.सूत्री षड्यंत्र है जो आज हमारे विरुद्ध चल रहा है। वेदों को हाशि , पर धकेला जा रहा है। ब्राह्मण को बदनाम किया जा रहा है। और गाय को काटा जा रहा है। यह संयोग नहीं , यह सोची.समझी नियोजित आक्रमण है जिसे भागवत ने हजारों वर्ष पहले ही उजागर कर दिया था। आज हमें इसे समझना होगा।

    उन्होंने कहा कि आजादी के समय इस देश में लगभग 80 करोड़ गायें थीं और केवल 20 करोड़ मनुष्य। आज 150 करोड़ मनुष्य हैं और मुश्किल से 17 करोड़ पशु , जिनमें अधिकतर विदेशी नस्ल ;गवैद्ध या संकरित हैं। शुद्ध देसी गाय , अपनी विशिष्ट सास्ना और कूबड़ के साथ अधिक से अधिक 2.3 करोड़ बची होंगी। और इनमें से रोज 80 हज़ार  काटी जा रही हैं।  इस दर पर एक साल में हर शुद्ध देसी गाय समाप्त हो जाएगी। अगली पीढ़ी चित्र में गाय देखेगी। हम पहले से ही उस अवस्था में हैं जहां घरों में गाय नहीं रख पाते तो हम छोटी गाय की मूर्तियां दे रहे हैं पूजा के लिए। आज मूर्ति , कल फोटो , परसों वो भी धुंधली हो जाएगी।

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