25 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका प्रदान कर रहे हैं एमएसएमई


25 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका प्रदान कर रहे हैं एमएसएमई

25 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका प्रदान कर रहे हैं एमएसएमई

नयी दिल्ली 28 जून (वार्ता) देश में कार्यरत 6.5 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) 25 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका प्रदान कर रहे हैं।

वित्त मंत्रालय ने एक्स पर विश्व एमएसएमई दिवस पर उल्लेख करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार एमएसएमई क्षेत्र की विकास यात्रा को गति दे रही है। इसके लिए सरकार द्वारा एमएसएमई को कई तरह से सहयोग दिये जा रहे हैं। उसने कहा कि म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना के तहत 100 करोड़ रुपये तक के एमएसएमई ऋणों पर 60 प्रतिशत तक की गारंटी प्रदान की जा रही है। नया क्रेडिट असेसमेंट मॉडल जो एमएसएमई का मूल्यांकन जमानत पर नहीं बल्कि नकदी प्रवाह के आधार पर करता है।

एमएसएमई की परिभाषा में निवेश सीमा 2.5 गुना और टर्नओवर सीमा 2 गुना बढ़ाई गई है। उद्यम-पंजीकृत माइक्रो उद्योगों को पांच लाख रुपये तक के क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गयी है। पीएम मुद्रा योजना के ‘तरुण’ श्रेणी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत ट्रेड नेट के माध्यम से दस्तावेज़ी प्रक्रिया को सरल किया गया, व्यापारिक बाधाओं को कम किया गया। कोविड-19 के दौरान आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना ने 14 लाख से अधिक एमएसएमई को बचाया। पीएम मुद्रा, पीएम विश्वकर्मा और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से क्रेडिट सहायता भी प्रदान की गयी है।


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