हिंदुओं को अल्पसंख्यक होने से बचाने को घर वापसी अभियान में तेजी लाएं’

प्रयागराज,(दिनेश तिवारी ) भारत तभी तक धर्मनिरपेक्ष देश  है जब तक यहां हिंदू बहुसंख्यक है। हिंदुओं के अल्पसंख्यक होते ही यह भी मजहबी राष्ट्र बन जाएगा। । "हिंदू घटा देश बंटा " यह ऐतिहासिक सच है। इससे सीख लेने की जरूरत है जिससे देश का फिर बंटवारा न हो।

      राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी ने  प्रयाग उत्तर के साकेत नगर स्थित राजेंद्र छात्रावास में बुधवार को आयोजित हिंदू सम्मेलन में लोगों का आह्वान किया कि हिंदू समाज को अल्पसंख्यक होने से  बचाने   के लिए  सभी आगे आएं तथा लोभ लालच या डर से धर्मांतरित  हुए लोगों की घर वापसी अभियान में तेजी  लाएं। देश को खंडित करने वाली शक्तियों के षड्यंत्रो को विफल करें।  मतांतरण देश को खंडित करनेके लिए किया जाने वाला सुनियोजित कुचक्र है।तेजी से बढ रहे जनसांख्यिकी असन्तुलन से हिंदुओं की संख्या   घट रही है जिससे उनके अल्पसंख्यक होने का खतरा बढ गया है।

     प्रांत प्रचार प्रमुख ने कहा कि समाज में हिंदुओं की सामूहिक शक्ति का प्रगटी कारण हो तथा हिंदुओं के प्रश्न पर समाज की जागरूकता बढे , मठ- मंदिर हिंदू समाज की जागृति के केंद्र बने, इसी उद्देश्य को लेकर काशी प्रांत में ढाई हजार हिंदू सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हैं। पंच परिवर्तन के द्वारा इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

         विशिष्ट वक्ता डॉक्टर रचना सिंह ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष में महिला और पुरुष दोनों की समान भागीदारी  रही है। दोनो एक दूसरे के पूरक है।हिन्दुओ को संगठित करने की दिशा मैं महिलाएं कभी पीछे नहीं रहेंगी। उन्होंने कहा कि आत्मविस्मृति तथा सामाजिक चिंतन के प्रति उदासीनता के कारण राष्ट्रीय हित की उपेक्षा हुई है इसे मिलकर ठीक करना होगा।  हमारी संस्कृति सभी प्राणियो के सुखी होने की कामना करती है। अपने धर्म एवं संस्कृति के प्रति सभी लोग सचेत रहें।

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