यूजीसी एक्ट के समर्थन में आइसा ने निकाला मार्च

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी)ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने यूजीसी रेगुलेशन पर रोक लगाने के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन गेट से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाल विरोध दर्ज कराया गया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। 

     इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन गेट पर सभा के साथ हुई जिसमें  छात्र छात्राओं ने अपनी बात रखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर सवाल खड़ा किए। कोर्ट के फैसले को सामाजिक न्याय की अवहेलना और विश्वविद्यालय में व्याप्त सामाजिक हिंसा के पक्ष में बताया।

       आइसा अध्यक्ष सोनाली यादव ने कहा कि सरकार की ही रिपोर्ट के अनुसार 118ः की जातिगत भेदभाव में बढ़ोतरी हुई है। आइसा रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या के बाद से ही रोहित एक्ट लागू करने की लड़ाई लड़ता रहा है। इन संघर्षों का ही परिणाम रहा की यूजीसी रेगुलेशन का निर्देश उच्चतम न्यायालय के द्वारा आया था और जब यूजीसी का रेगुलेशन बंद करके आया तो उच्चतम न्यायालय द्वारा ही पक्षपात पूर्ण , तथ्यों की अवहेलना करते हुए इस पर रोक लगा दिया गया है।

          उच्चतम न्यायालय का यह फैसला विश्वविद्यालय परिसर में व्याप्त जातिगत लैंगिक की हिंसा को बढ़ावा देने वाला है। इस पर निर्णय पर तत्काल रोक लगाते हुए यूजीसी रेगुलेशन को और अधिक जवाबदेही और भागीदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। अन्यथा देश भर में इस शोषण और अन्याय  के खिलाफ लोग सड़कों पर आएंगे।

   विश्वविद्यालय के शोध छात्र केतन ने कहा कि जब.जब दलित और पिछड़े अपने हक और अधिकार के लिए आवाज उठाते हैं तब तब शोषणकारी तबके के अंदर डर सताने लगता है और अपने इस शोषण के अधिकार को बनाए रखने के लिए वह सड़कों पर आ जाता है। इसी के खिलाफ यह रेगुलेशन बनाया गया था जिसको सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। यह रोहित वेमुलाए दर्शन सोलंकी जैसी सैकड़ों घटनाओं को वैध ठहराने की कोशिश है, जो बेहद शर्मनाक है।

      इकाई सहसचिव मानवेंद्र ने कहा कि मौजूदा सरकार सामाजिक विषमता के खिलाफ कानून लाने का दिखावा तो कर रही है, लेकिन उसे कानून को बचाने के लिए जरूरी तथ्य और आधार न्यायालय में नहीं रख रही है। शोध छात्र निखिल और आरवाईए के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने भी अपनी बात रखी। 

     इस मौके पर आइसा इकाई उपाध्यक्ष सौम्या, शशांकए , सुजीत,  अमित , आर्यन , सुधीर ,  साक्षी, पूजा,  राधा, विश्वेंद्र, प्रिंस, श्वेतांक आदि उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

खुशहाली की राहें

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना