पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने दिया योजनाओं व उपलब्धियों का ब्यौरा


गोरखपुर 30 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनीतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं पशुधन विकास से जुड़ी योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि जैव विविधता से समृद्ध उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पशुधन वाला राज्य है।

मंत्री ने एनेक्सी सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि वर्ष 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार प्रदेश में 190.20 लाख गोवंश, 330.17 लाख महिषवंश, 144.80 लाख बकरी, 9.85 लाख भेड़ एवं 4.09 लाख सूकर हैं। वर्ष 2025 की 21वीं पशुगणना पूर्ण हो चुकी है जिसका अंतिम आंकड़ा केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023.24 में प्रदेश में 387.79 लाख मीट्रिक टन दुग्ध, 589.48 करोड़ अंडे तथा 1259 हजार टन मांस का उत्पादन हुआ। पशुपालकों को घर.घर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल वेटरिनरी यूनिट योजना के तहत टोल फ्री नंबर 1962 संचालित है। वर्ष 2024.25 में 15.93 लाख पशुपालकों के 32.34 लाख पशुओं तथा 2025.26 में अब तक 5.70 लाख पशुपालकों के 11.16 लाख पशुओं का उपचार किया गया।प्रदेश में वर्तमान में 520 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट संचालित हैं। साथ ही मॉडल पर डायग्नोस्टिक लैब एवं पॉलीक्लीनिक विकसित किए जा रहे हैं जिससे उच्च स्तरीय उपचार सुविधा मिलेगी।
टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024.25 में 1648.89 लाख तथा 2025.26 में अब तक 817.96 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश में 7608 गो.आश्रय स्थलों में 12.36 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं और 157 बड़े गौ संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.79 लाख से अधिक गोवंश पशुपालकों को सुपुर्द किए गए हैं तथा भरण.पोषण हेतु डीबीटी के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जा रही है। गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाकर 11,952 हेक्टेयर से अधिक भूमि मुक्त कराई गई है जिसमें बड़े पैमाने पर चारा उत्पादन किया जा रहा है। नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2024.25 में 238.20 लाख तथा 2025.26 में अब तक 115.97 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं। लखनऊ के रहमानखेड़ा में अत्याधुनिक सेक्स.सॉर्टेड सीमेन लैब स्थापित की जा रही है जिससे उच्च गुणवत्ता की नस्ल विकसित होगी।
उन्होंने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत नंदिनी, मिनी नंदिनी एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजनाएं संचालित हैं जिनमें डेयरी इकाइयों पर 40ः से 60ः तक अनुदान दिया जा रहा है साथ ही प्रगतिशील पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पशुधन बीमा, बकरी पालन, भेड़ पालन एवं कुक्कुट विकास योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कुक्कुट विकास नीति.2022 के तहत 433.90 करोड़ रुपये के निवेश से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में महिला ब्रायलर पालन योजना तथा बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। साथ ही चारा विकास, प्रशिक्षण और नई नीतियों के जरिए पशुपालन क्षेत्र को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

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