गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में डिजिटल भविष्य की पहल


गोरखपुर 31 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित संगोष्ठी पर किये गये मांग पर एक डजिटल लाइब्रेरी के लिए एक विस्तृत और व्यवस्थित प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द शासन को भेजा जाए, ताकि इस योजना को शीघ्र स्वीकृति मिल सके।

श्री सिंह ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद वह स्वयं इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे, जिससे गोरखपुर प्रेस क्लब में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष ओमकार द्विवेदी ने प्रेस क्लब में एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की महत्वपूर्ण मांग रखी, जिसे मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया।
संगोष्ठी में उपस्थित पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य अतिथियों के बीच जब डिजिटल लाइब्रेरी का प्रस्ताव सामने आया, तो इसे समय की आवश्यकता बताते हुए व्यापक समर्थन मिला।
अध्यक्ष ओमकार द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है, ऐसे में प्रेस क्लब में एक सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से पत्रकारों को शोध, अध्ययन और संदर्भ सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे युवा पत्रकारों को भी सीखने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य अतिथि कुंवर मानवेंद्र सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पत्रकारिता के विकास की दिशा में एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने दो सदियों की लंबी यात्रा में समाज को जागरूक करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। अब समय है कि इस विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इससे लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने प्रेस क्लब अध्यक्ष ओमकार द्विवेदी के साथ प्रस्तावित डिजिटल लाइब्रेरी के लिए निर्धारित कक्ष का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध स्थान, संसाधनों और संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरी के लिए एक विस्तृत और व्यवस्थित प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द शासन को भेजा जाए, ताकि इस योजना को शीघ्र स्वीकृति मिल सके।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद वह स्वयं इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे, जिससे गोरखपुर प्रेस क्लब में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके। उनके इस आश्वासन से उपस्थित पत्रकारों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की उपलब्धियों, संघर्षों और सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से चर्चा की। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता को समय के साथ खुद को लगातार अपडेट करना होगा। डिजिटल लाइब्रेरी की पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो न केवल पत्रकारों को सशक्त बनाएगी, बल्कि सूचना और ज्ञान के आदान-प्रदान को भी आसान बनाएगी।
कार्यक्रम का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध विरासत अब डिजिटल युग में और अधिक प्रभावशाली रूप में आगे बढ़ेगी, और गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की डिजिटल लाइब्रेरी इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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