टीबी रोगियों के साथ गैर संचारी रोगों के मरीजों को ढूढेंगे सीएचओ
गोरखपुर। जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सौ दिवसीय टीबी रोगी खोजी अभियान के दौरान नये टीबी रोगियों के साथ-साथ गैर संचारी रोगों के मरीजों को भी ढूंढने में मदद करेंगे। इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने ई-आरोग्य पाठशाला के जरिये शुक्रवार को जिले के सभी सीएचओ का अभिमुखीकरण किया। जिले के सभी एमओआईसी, बीसीपीएम और टीबी डिपार्टमेंट से जुड़े कर्मी भी ई-आरोग्य पाठशाला में शामिल हुए। सीएमओ ने बताया कि एक जून से चालीस दिनों तक यह अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान 417 विशेष शिविर लगा कर मरीज ढूंढे जाएंगे।
सीएमओ डॉ झा ने कहा कि उच्च जोखिम समूह के लोग, मधुमेह मरीज और तीस वर्ष से अधिक उम्र के लोग इन शिविरों में मुख्य लक्ष्य होने चाहिए। शिविर से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए और कोशिश हो कि ग्राम प्रधान के जरिये ही शिविर का उद्घाटन कराया जाए। लक्षित समूह की अधिकाधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित कराएं। शिविर में टीबी के जो भी संभावित मरीज मिलें उन्हें नजदीकी अस्पतालों पर संदर्भित करें। तीस वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति की बीपी, मधुमेह आदि की जांच अवश्य की जाए। साथ ही अभियान चला कर ऐसे लाभार्थी वर्ग का सी-बैक फॉर्म भी भरवाया जाए। गैर संचारी रोगों की जांच से सम्बन्धित सभी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अभियान से जुड़े लॉजिस्टिक्स की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
सीएमओ ने बताया कि इस अभियान में सहायक शोध अधिकारी (एआरओ) भी आवश्यकतानुसार मदद करेंगे। अभियान का उद्देश्य अधिकाधिक मरीजों को ढूंढना और उन्हें उपलब्ध सरकारी सुविधाओं से जोड़ना होना चाहिए। इस अवसर पर डीटीओ डॉ नंदलाल कुशवाहा, डिप्टी सीएमओ डॉ अश्विनी चौरसिया और डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय सहित टीएम इलेवन के सदस्यगण और सहयोगी संस्था यूपीटीएसयू के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।
बेस्ट प्रैक्टिसेज बताएं
सीएमओ ने ई-आरोग्य पाठशाला के दौरान सभी सीएचओ से अपील की कि वह अपने क्षेत्र के बेस्ट प्रैक्टिसेज को डाक्यूमेंट कर जिला स्तर पर अवश्य अवगत कराएं। ऐसे प्रैक्टिसेज को सम्मानित भी किया जाएगा। डॉ झा ने कहा कि हमारा प्रयास आरआई, एचआरपी आदि कार्यक्रमों में अधिकाधिक बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाने के लिए होना चाहिए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें