भारत- स्लोवाकिया ने रक्षा, एआई और आतंकवाद-रोधी सहयोग समेत 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किये
नयी दिल्ली/ ब्रातिस्लावा, 15 जून (वार्ता) भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'समग्र साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करते हुए रक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में 11 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों को दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।स्लोवाकिया की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच सोमवार को ब्रातिस्लावा में द्विपक्षीय बैठक के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। दोनों देशोंं के बीच प्रमुख समझौतों में श्रम प्रवासन के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन ,रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आशय पत्र तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन शामिल हैं। दोनों देशों ने उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान तथा ऑडियो-विजुअल सृजन के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जतायी है।
उभरती और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को नयी गति देते हुए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कोसिसे में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की ओर से कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पहली पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा क्वांटम संचार और महत्वपूर्ण अवसंरचना संरक्षण के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ, जो दोनों देशों के तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे और स्लोवाक हेल्थ स्पा पिएस्तानी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान , दिल्ली और स्लोवाक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच छात्र विनिमय कार्यक्रम, छात्रवृत्तियों और संयुक्त अनुसंधान सहयोग को लेकर एक समझौता संपन्न हुआ।
दोनों देशों ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) और स्लोवाक विज्ञान अकादमी (एसएएस) के बीच वैज्ञानिक सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जिससे अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूती मिलेगी। समझौतों के अलावा दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए संयुक्त कार्य समूह के गठन तथा नागरिक सेवाओं और लोगों के बीच संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कांसुलर संवाद तंत्र स्थापित करने की भी घोषणा की।
इन व्यापक समझौतों और घोषणाओं के साथ भारत और स्लोवाकिया ने राजनीतिक, आर्थिक, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।

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