उद्योग जगत ने 12 साल में अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत करने के लिए की मोदी की तारीफ


नयी दिल्ली, 10 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस पद पर 12 साल पूरे होने पर उद्योग संगठनों ने उन्हें बधाई दी है और इस दौरान अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत करने के लिए उनकी तारीफ की है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष आर. मुकुंदन ने कहा कि पिछले 12 साल में केंद्रित सुधारों और रणनीतिक पहलों ने देश की आर्थिक नींव को मजबूत किया है, उसे मजबूती प्रदान की है और तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में सतत विकास के लिए देश को तैयार किया है। बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन, विनिर्माण, नवाचार, स्थिरता तथा व्यवसाय करने में सुगमता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
श्री मुकुंदन ने कहा कि इन प्रयासों से वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पाद प्रतिस्पर्धी बने हैं और भारत एक पसंदीदा निवेश एवं व्यापार गंतव्य बनकर उभरा है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' की ओर बढ़ते हुए निवेश को गति देने, प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित करने तथा समावेशी, टिकाऊ और भविष्य के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने में उद्योग जगत के सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि पिछले 12 साल में देश की आर्थिक बुनियाद लगातार मजबूत हुई है। ऐतिहासिक सुधारों, व्यवसाय करने में सुगमता, रिकॉर्ड स्तर के बुनियादी ढांचा निवेश, विस्तारित व्यापारिक साझेदारियों, मजबूत वित्तीय संस्थानों तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण पारितंत्र के विकास ने भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी है।
उन्होंने कहा कि श्री मोदी के कार्यकाल में देश न केवल एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली आवाज भी बना है। उद्योग जगत 'विकसित भारत' के सपने को 2047 से काफी पहले साकार करने के लिए पूरी मजबूती से सरकार के साथ खड़ा है।
उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री के गतिशील नेतृत्व में देश ने अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आर्थिक विकास के बुनियादी कारक दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2013-14 के 1.9 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 4.1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक हो गया है। जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गयी है।
एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि हाल के वर्षों में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि मजबूत हुई है। वर्ष 2025-26 में विनिर्माण क्षेत्र 10.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि 2013-14 में इसमें 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी थी। सेवा क्षेत्र की वृद्धि 2013-14 के 7.8 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 9.3 प्रतिशत हो गयी। निर्यात 2013-14 के 466 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 860 अरब डॉलर हो गया है। चालू खाता घाटा 2013-14 के 1.7 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 0.6 प्रतिशत रह गया है।

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