देश की 500 शीर्ष निजी कंपनियों में रिलांयस का पहला स्थान बरकरार, आईपीएल की पांच टीमें सूची में पहली बार


नयी दिल्ली, 24 जून (वार्ता) देश में वर्ष 2025 के लिए हुरुन इंडिया और बर्गंडी की निजी क्षेत्र की शीर्ष 500 कंपनियों की '500 मोस्ट वैल्युएबल नॉन-स्टेट-रन कंपनियां इन इंडिया' सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार पांचवें वर्ष इस सूची में शीर्ष पर है औऱ सूची में पहली बार आईपीएल क्रिकेट की फ्रैंचाइजी फर्मों ने स्थान बनाया है, जो क्रिकेट को देश के कॉरपोरेट जगत के लिए कमाई की एक नयी उभरती संपत्ति के रूप में दर्शाता है।

एक्सिस बैंक की बर्गंडी प्राइवेट और हुरुन इंडिया द्वारा तैयार की जाने वाली इस वार्षिक सूची में इस बार स्थान पाने वाली कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 3.4 लाख करोड़ डॉलर हो चुका है, जो दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बराबर है।
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लगातार पांचवें वर्ष देश की शीर्ष निजी कंपनी के रूप में पहला स्थान बरकरार रखा है, हालांकि प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
सूची दर्शाती है कि क्रिकेट अब कॉरपोरेट पूंजी का रूप ले रहा है। इस सूची में पहली बार आईपीएल की पांच फ्रेंचाइज़ियों को स्थान दिया गया है। इनमें कोलकाता नाइट राइडर्स 20,850 करोड़ रुपये की अनुमानित हैसियत के साथ 270 वें स्थान पर है। चेन्नई सुपर किंग्स 19,550 करोड़ रुपये की हैसियत के साथ 285 वें स्थान पर है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 16,700 करोड़ रुपये के साथ 330 वें स्थान पर है, राजस्थान रॉयल्स 15,700 करोड़ रुपये की हैसियत के साथ 343 वें स्थान पर है और पंजाब किंग्स 14,050 करोड़ रुपये की हैसियत के साथ 390वें स्थान पर है।
रिपोर्ट में कहा गया है, 'यह खेलों को एक नई उभरती हुई बाजार संपत्ति के रूप में स्थापित करता है।'
रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार, वर्ष 2025 में इन 500 में से केवल 198 कंपनियों के मूल्य में वृद्धि दर्ज की गई। इस सूची के पांचवें संस्करण में इस बार 94 नई प्रविष्टियां हैं, जिनका संयुक्त मूल्य 18.45 लाख करोड़ रुपये है। यह देश में उद्यमशीलता के विस्तार को दर्शाती है।
वर्ष 2021 के बाद से सूची की एक-तिहाई से अधिक कंपनियां बदल चुकी हैं, जो देश के कॉरपोरेट क्षितिज में तीव्र बदलावों को दर्शाता है। व्यवसायिक जगत के अवसर अब महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंचने लगे हैं। राजकोट, बीकानेर, कुंभकोणम और राजनांदगांव जैसे शहरों की कंपनियां सूची में शामिल हुई हैं, जो टियर-2 और टियर-3 शहरों के उदय को दर्शाती हैं।
इस सूची में शामिल बारह कंपनियों ने अपने मूल्य को दोगुना किया, जिनमें ग्रो (430 प्रतिशत), अडानी प्रॉपर्टीज (301 प्रतिशत), एथर एनर्जी (224 प्रतिशत), एंथम बायोसाइंसेज (185 प्रतिशत), मीशो (164 प्रतिशत), हल्दीराम स्नैक्स (136 प्रतिशत), मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (117 प्रतिशत), लेंसकार्ट (111 प्रतिशत), पहाड़पुर कूलिंग टावर्स (111 प्रतिशत), अडानी पावर (107 प्रतिशत), आरबीएल बैंक (100 प्रतिशत) और नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल (100 प्रतिशत) शामिल हैं। ये कंपनियां फिनटेक, रियल एस्टेट, ईवी, फार्मा, एफएमसीजी और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
टीसीएस (5), इंफोसिस (9) और विप्रो (29) ने पांच वर्षों में संयुक्त रूप से 8.5 लाख करोड़ रुपये का मूल्य गंवाया है, जिससे आईटी क्षेत्र सूची में सबसे बड़ा मूल्य-हानि वाला क्षेत्र बन गया है।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और मजबूत हुई है, क्योंकि ग्रीनको, इनॉक्स क्लीन एनर्जी और एमवी फोटावोल्टाइक पावर ने पहली बार सूची में जगह बनाई है, जो स्वच्छ ऊर्जा में तेजी से बढ़ते पूंजी निवेश का संकेत है।
मुंबई 141 कंपनियों के साथ भारत की कॉरपोरेट राजधानी बना हुआ है। इसके बाद बेंगलुरु (57 कंपनियां), गुरुग्राम (42 कंपनियां), हैदराबाद (39 कंपनियां) और चेन्नई (36 कंपनियां) का स्थान है। अब सूची कुल 50 शहरों की कंपनियां शामिल हैं।
हुरुन इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य शोधकर्ता, अनस रहमान जुनैद ने कहा, "2025 बर्गंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 में शामिल कंपनियां भारत के निजी क्षेत्र की रीढ़ हैं और देश की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखती हैं। ये कंपनियां 89 लाख लोगों को रोजगार देती हैं।"
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 95 नई कंपनियां सूची में शामिल हुई हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जबकि 2021 के पहले संस्करण में शामिल एक-तिहाई से अधिक कंपनियां अब सूची से बाहर हो चुकी हैं। इन परिवर्तनों का विश्लेषण भारत की अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले संरचनात्मक बदलावों की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।
मनोज, मनोहर

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