9 जून 2026 को ब्रहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह ग्रह का होगा संयोजन / कंजंक्शन



संयोजन / कंजंक्शन क्या होता है?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 09 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह आकाश में पश्चिमी दिशा में दिखाई देंगे, इस दौरान ब्रहस्पति ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.70 और शुक्र ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 3.89 होगा, और दोनों ग्रह मिथुन तारामंडल में स्थित होंगे लेकिन पृथ्वी के दृष्टिकोण से आकाश में दो ग्रह एक-दूसरे के करीब दिखाई देने पर युति की स्थिति उत्पन्न होती है। हालांकि शुक्र और बृहस्पति लगभग बिल्कुल अगल-बगल दिखाई देंगे, लेकिन अंतरिक्ष में उनके बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर अलग होते हैं 

यह कंजंक्शन प्रभाव कैसे होता है?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह प्रभाव इसलिए उत्पन्न होता है क्योंकि ग्रह सूर्य की परिक्रमा एक समान पथ पर करते हैं जिसे क्रांतिवृत्त के नाम से जाना जाता है, जिसके कारण पृथ्वी से देखने पर वे कभी-कभी आकाश के एक ही क्षेत्र में एकत्रित हो जाते हैं।

कब और कैसे देखें?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के बाद दोनों ग्रहों को पश्चिमी आकाश में आसानी से देखा जा सकता है, ग्रहों की बात करें तो पाते हैं कि शुक्र ग्रह रात्रि के आकाश में दिखाई देने वाला सबसे चमकीला ग्रह है, जबकि बृहस्पति दूसरा सबसे चमकीला ग्रह है। इनकी चमक के कारण,अनुकूल मौसम की स्थिति में इन्हें नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकता है। इनको देखने के लिए किसी भी ख़ास खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है,इसको आप आसानी से अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं , यदि आपके पास कोई  टेलीस्कोप/ दूरबीन या विनोकुलर आदि मौजूद हैं तो आप इनको और भी अधिक स्पष्ट एवं बेहतर तरीके के साथ ही सविस्तार पूर्वक अच्छी तरह से बृहस्पति ग्रह और उसके चंद्रमाओं के साथ ही शुक्र ग्रह को भी काफ़ी कुछ विस्तृत दृश्य के रूप में देख सकते हैं।

कैसे देखें दोनों ग्रहों को?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रहों को देखने के लिए पर्यवेक्षकों को पूर्ण अंधकार की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी। आज कल पश्चिमी आकाश में,शुक्र ग्रह और बृहस्पति ग्रह इतने चमकीले हैं कि वे सूर्यास्त के तुरंत बाद दिखाई देने लगते हैं। और दोनों के बीच यह दूरी लगभग हाथ की लंबाई पर रखी छोटी उंगली की चौड़ाई से थोड़ी अधिक है। या कुछ यूं कहें कि 9 जून 2026 को इनके बीच की कोणीय दूरी केवल लगभग 1.6 डिग्री के बीच होगी,ये ग्रह इतने करीब होंगे कि दूरबीन से एक ही दृश्य में दिखाई देंगे। वैसे तो यह दोनों ग्रह पिछले 4 जून 2026 से लेकर लगभग 15 जून 2026 तक आकाश के पश्चिमी दिशा/क्षितिज पर आस पास ही हैं, लेकिन इसके बाद इनके बीच की कोणीय दूरी धीरे धीरे बढ़ती चली जायेंगी और फिर आकाश में दूर दूर दिखाई देंगे। लेकिन 9 जून 2026 को ब्रहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह आकाश में पश्चिमी दिशा में सबसे पास दिखाई देंगे जिसे खगोलविज्ञान की भाषा में युति कहा जाता है, 

कितने बजे से कितने बजे तक दिखाई देंगे दोनों ग्रह?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह को देखने के लिए आप शाम से लेकर रात्रि के लगभग 9 बजे तक आकाश की पश्चिमी दिशा में देख सकते हैं और साथ में ही दोनों ग्रह मिथुन तारामंडल क्षेत्र में ही दिखाई देंगे इसके बाद दोनों ग्रह धीरे पश्चिमी क्षितिज के नीचे जाना शुरू कर देंगे।


         धन्यवाद।


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