उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद दर्ज हुई एफआईआर ,एसएचओ नवाबगंज को अवमानना नोटिस


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी)  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने थाना नवाबगंज के एसएचओ को अवमानना नोटिस जारी किया है। 

    न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने यह कार्रवाई उस समय की, जब न्यायालय के स्पष्ट रोक आदेश के बावजूद संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई।

       मामले में याची वीरेंद्र कुमार अग्रवाल की ओर से अधिवक्ताओं ने न्यायालय को अवगत कराया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), प्रयागराज ने 14 मई 2026 को बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत थाना नवाबगंज में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

    इस आदेश को चुनौती देते हुए याची ने उच्च न्यायालय की शरण ली। इस पर न्यायालय ने 1 जून 2026 को स्पष्ट निर्देश दिया कि उक्त आदेश के अनुपालन में याची के विरुद्ध कोई भी दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए।

       उच्च न्यायालय का यह आदेश उसी दिन (1 जून 2026) व्हाट्सएप के माध्यम से थाना नवाबगंज के एसएचओ को भेजा गया था। इसके अतिरिक्त 3 जून 2026 को रजिस्टर्ड डाक के जरिए भी आदेश की प्रति प्रेषित की गई। इसके बावजूद 2 जून 2026 को एफआईआर दर्ज कर ली गई, जो न्यायालय के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।

       न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने प्रथम दृष्टया इसे न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना का मामला मानते हुए संबंधित अधिकारी को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है तथा कहा है कि या तो संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करें या न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।

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