स्काई एयर मोबिलिटी ने शुरू किया देश का सबसे बड़ा डाक ड्रोन नेटवर्क
नयी दिल्ली, 18 जून (वार्ता) ड्रोन डिलिवरी कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी ने डाक विभाग के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डाक ड्रोन नेटवर्क शुरू करने की घोषणा की है।कंपनी ने गुरुवार को बताया कि डाक विभाग के साथ उसके समझौते के तहत विभाग के शाखा कार्यालयों और लेखा कार्यालयों के बीच मेल बैग ले जाने के लिए ड्रोन उड़ानों का संचालन किया जायेगा। यह साझेदारी हिमाचल प्रदेश और असम के 150 मार्गों को कवर करती है। ये दोनों ऐसे राज्य हैं जहां पहाड़ी भू-भाग और मानसून लंबे समय से डाक सेवाओं में बाधक रहे हैं।
पहली उड़ान अनुबंध पर हस्ताक्षर के 72 घंटे के भीतर हिमाचल प्रदेश के मंडी से शुरू की गयी। राज्य में सर्दियों में बर्फबारी से सड़कें हफ्तों तक बंद रहती हैं। ऐसे समय में ड्रोन डिलीवरी से पेंशन, सरकारी दस्तावेज और दवाइयां समय पर पहुंच सकेंगी। असम में हर साल बाढ़ से गांव और द्वीप क्षेत्र कट जाते हैं। उस समय ड्रोन सेवाएं जीवन रेखा की तरह काम करेंगी।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन आधारित डाक और पार्सल डिलीवरी की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जो यात्रा पहले घंटों लेती थी, अब मात्र सात मिनट में पूरी होगी और रियल-टाइम ट्रैकिंग भी उपलब्ध है। यह पहल ग्रामीण डाक सेवकों से मिले फीडबैक से प्रेरित है।
इस काम में स्काई एयर की फिजिकल एआई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वास्तविक दुनिया की ऑटोनॉमस प्रणालियों का संयोजन है। पहले से तय मार्गों पर चलने वाले पारंपरिक ड्रोनों के विपरीत स्काई एयर के ड्रोन मशीन लर्निंग के जरिये इलाके को समझते हैं, मौसम में बदलाव के अनुसार खुद को ढालते हैं और बिना इंसानी हस्तक्षेप के तुरंत निर्णय लेते हैं।
हिमालयी और पूर्वोत्तर भारत जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में यह तकनीक ड्रोन को तेज हवाओं की पहचान करने, बादलों के अनुसार मार्ग बदलने और संकरी पहाड़ी सतहों पर सटीक लैंडिंग करने में सक्षम बनाती है।
स्काई एयर का फिजिकल एआई सिस्टम कई सेंसर, बैटरी ऑप्टिमाइजेशन मॉडल और स्काई यूटीएम के जरिये रियल-टाइम नेविगेशन को एकीकृत करता है। यह सिस्टम हर उड़ान से सीखता है और नेटवर्क की सुरक्षा तथा दक्षता को लगातार बेहतर बनाता है।
स्काई एयर मोबिलिटी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित कुमार ने कहा कि यह साझेदारी दिखाती है कि ड्रोन तकनीक उन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी समस्या हल कर सकती है जहां कोई अन्य समाधान काम नहीं करता। मंडी में 72 घंटे में उड़ान शुरू करना इस बात का प्रमाण है कि जब नीति, तकनीक और सेवा एक साथ आते हैं तो कितना कुछ संभव है।

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