मोदी राम मंदिर ट्रस्ट भंग कर चंदा लूट की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराएं जांच : कांग्रेस
नयी दिल्ली, 26 जून (वार्ता) कांग्रेस ने चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हस्तक्षेप करने और राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में व्यापक जांच कराने की मांग की है।कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और इसके निर्माण के लिए देश भर के गांवों तथा गरीब लोगों ने श्रद्धापूर्वक चंदा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की कथित लूट हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराई जानी चाहिए क्योंकि इसमें बड़े लोगों की भूमिका की भी जांच आवश्यक है। उनका आरोप था कि दर्ज प्राथमिकी में केवल छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि इतने बड़े स्तर की कथित अनियमितता बड़े लोगों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई छोटा कर्मचारी अकेले सीसीटीवी बंद कर हजारों करोड़ रुपये के चंदे में कथित गड़बड़ी कर सकता है।
श्री शुक्ला ने कहा कि वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए क्योंकि इसमें राजनीतिक व्यक्तियों को शामिल करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट का पुनर्गठन कर उसमें साधु-संतों तथा धार्मिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों को स्थान दिया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में नकद चढ़ावे को कम दर्ज किया जाता था और महिलाओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा गया। उनका कहना था कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है। उनका यह भी कहना था कि भारतीय जनता पार्टी मंदिर ट्रस्टों पर राजनीतिक नियंत्रण स्थापित कर चंदे और चढ़ावे का राजनीतिक उपयोग करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए' का नारा दिया था, लेकिन अब भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस ने दोहराया कि राम मंदिर आस्था का विषय है, इसलिए पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए, वर्तमान ट्रस्ट को भंग किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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