पिछड़ेपन से निकलकर विकास और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है चिल्लूपार: योगी
गोरखपुर, 13 जून (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि गोरखपुर का चिल्लूपार क्षेत्र अब पिछड़ेपन की पहचान से निकलकर विकास और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय बाढ़ की त्रासदी और बेहतर संपर्क व्यवस्था के अभाव में क्षेत्र के लोगों को रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा, "यहां के नौजवानों ने जहां भी अवसर मिला, अपनी प्रतिभा और परिश्रम का लोहा मनवाया है। अब उन्हें रोजगार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।" उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास और विरासत की इस यात्रा के साथ चिल्लूपार क्षेत्र निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित गांधी इंटर कॉलेज, महुआपार में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धुरियापार की बंद पड़ी चीनी मिल की भूमि पर सीएनजी प्लांट स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, "अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण दुनिया में संकट की स्थिति है, लेकिन सीएनजी और एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के कारण हमारे यहां काम प्रभावित नहीं हुआ है।" योगी आदित्यनाथ ने बताया कि धुरियापार क्षेत्र में ग्रेटर गीडा के विकास की योजना पर कार्य किया जा रहा है और इसके लिए हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहां सीमेंट फैक्ट्री, पावर प्लांट, आधुनिक पेंट उद्योग तथा अत्याधुनिक डिस्टलरी की स्थापना की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सड़क और अन्य संपर्क सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे तथा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन मार्ग से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, "अब यहां से तीन घंटे में लखनऊ, दो घंटे में वाराणसी और लगभग एक घंटे से भी कम समय में गोरखपुर पहुंचा जा सकता है। कनेक्टिविटी जितनी बेहतर होगी, विकास की गति उतनी तेज होगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ ऐसे प्रशिक्षण संस्थान भी विकसित किए जाएंगे, जहां युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटियों को भी स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े।
उन्होने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू, माफियागिरी और अराजकता का माहौल रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नौकरियों में पारदर्शिता का अभाव था और योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिल पाते थे। उन्होंने कहा, "आज उत्तर प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा के दम पर सरकारी सेवाओं में चयनित हो रहे हैं। पुलिस भर्ती में भी गोरखपुर और चिल्लूपार क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं का चयन हुआ है।"
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद लंबे समय से लंबित कार्यों को पूरा किया गया है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, गोरखपुर एम्स, फर्टिलाइजर प्लांट तथा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज जैसे विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि चिल्लूपार क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है और सरकार बाढ़ नियंत्रण, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा औद्योगिक विकास के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, प्रदीप शुक्ल, महेंद्र पाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, फतेह बहादुर सिंह, सरवन निषाद सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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