मोदी और रोड्रिगेज ने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और व्यापार क्षेत्र में सहयोग बढाने पर व्यापक चर्चा की


नयी दिल्ली, 04 जून (वार्ता) भारत और वेनेजुएला ने विशेष रूप से ऊर्जा और उसके साथ-साथ, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल, स्वास्थ्य सेवा तथा ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढाने पर सहमति व्यक्त करते हुए द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहरायी है।

श्री मोदी ने भारत यात्रा पर आयी वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ के साथ बुधवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ विकासशील देशों के हितों को बढावा देने पर बात की। पश्चिम एशिया संकट के कारण दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चित स्थिति के बीच हुई इस वार्ता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पांच दिन की यात्रा पर आयी सुश्री रोड्रिगेज के साथ विदेश, आर्थिक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे विभागों के मंत्रियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद कहा कि दोनों के बीच बातचीत काफी व्यापक रही और इसमें विशेष रूप से ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों का पता लगाने पर विस्तार से बात हुई। मंत्रालय ने एक बयान में कहा , " श्री मोदी और सुश्री रोड्रिगेज ने विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा की । दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा के साथ ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा और ऑटोमोबाइल आदि क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों का पता लगाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने तथा 'ग्लोबल साउथ' के हितों को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।"
बाद में विदेश मंत्रालय में सचिव ( पूर्व) रूदेन्द्र टंडन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों पक्षों के बीच ऊर्जा सहित विभिन्न विषयों पर सार्थक और अच्छी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ने भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश भविष्य में भी पसंदीदा साझेदार बने रहेंगे।
श्री टंडन ने कहा कि वेनेज़ुएला बदलाव के दौर से गुजर रहा है लेकिन यह संसाधनों से समृद्ध देश है और अब वहां विकास यात्रा के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं। वेनेजुएला में केवल ऊर्जा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पशुपालन, परिवहन, खनन, कृषि , ऑटोमोटिव क्षेत्र और फार्मास्यूटिकल जैसे क्षेत्रों में भी अनेक संभावनाएं हैं।
श्री टंडन ने कहा कि दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढाने पर चर्चा की जिसका उद्देश्य उन तरीकों का पता लगाना था जिनसे भारतीय व्यापारी वेनेज़ुएला के बाज़ार में अपनी जगह बना सकें जिससे दोनों देशों के बीच नयी साझेदारी हो सके।
उन्होंने सवालों के जवाब में कहा कि बातचीत के दौरान ऊर्जा के क्षेत्र में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गयी है लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में इसकी संभावनाओं का पता लगाने पर बात हुई है। उन्होंने कहा कि वेनेज़ुएला के पास बड़ा तेल भंडार है और भारत बड़ी मात्रा में तेल का आयात करता है। दोनों देशों के बीच खरीदार और विक्रेता के रूप में दीर्घावधि संबंधों की संभावना है। उन्होंने कहा कि फार्मा उद्योग पर विस्तार से बात की गयी और यह वेनेजुएला के लिए प्राथमिकता का क्षेत्र है।
श्री टंडन ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों और खनन के बारे में भी बात हुई है। वेनेज़ुएला में न केवल महत्वपूर्ण खनिज हैं, बल्कि सोना, हीरे और अन्य संसाधन भी मौजूद हैं। इस क्षेत्र में संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी बात हुई।
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सुश्री रोड्रिगेज से बात की। उन्होंने कहा कि भारत-वेनेज़ुएला संबंधों के प्रति उनकी उनकी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को बहुत महत्व देता है।
श्री मोदी से मुलाकात के बाद सुश्री रोड्रिगेज ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

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