किसी भी जन संगठन के लिए उसका प्रचार प्रसार विभाग एक महत्वपूर्ण अंग है : राजेंद्र सक्सेना


प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय मुख्य राजमार्ग प्रमुख राजेंद्र सक्सेना ने कहा कि किसी भी जन संगठन के लिए उसका प्रचार प्रसार विभाग एक महत्वपूर्ण अंग है ।

  विहिप काशी प्रांत परिषद शिक्षा वर्ग की शनिवार को छठवें दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजेंद्र सक्सेना ने कहा कि किसी भी जन संगठन के लिए उसका प्रचार प्रसार विभाग एक महत्वपूर्ण अंग है ।

यह विभाग उस संगठन की आंख , नाक और कान बनकर काम करता है । इसमें सूचनाओं का संग्रहण और प्रसारण ही नहीं , बल्कि निरूपित सूचनाओं के निराकरण व सही सूचनाओं के स्थापना का कार्य भी महत्वपूर्ण है ।

     उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी बौद्धिक विधि है जिसमें सजक , सघन , सतत सामूहिक प्रयास आवश्यक है। वर्तमान समय एक बौद्धिक युद्ध का युग है , जिसमें बौद्धिक रणनीतियों की निरंतर महत्वपूर्ण है । हमें यह स्वीकार करना होगा कि  नई.नई तकनीक का प्रभावशाली रूप से उपयोग होना,  सूचनाओं का प्रसार खंड , ग्राम स्तर तक हो इसके लिए हम निरंतर प्रयत्नशील हैं । हम उस विचार को मानने वाले लोग हैं जहां प्रसिद्ध और समाचार पत्र में नाम छपने , माला पहनने की मानसिकता का स्थान नहीं है , हमने हमेशा अपने कर्म को ही पूज्य माना है  ।

        आज के सामाजिक , धार्मिक राष्ट्रीय , परिपेक्ष में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रचार प्रसार का महत्व इतना बढ़ गया है कि वह सभी स्थानों पर स्पष्ट दिखता है , इंटरनेट सेवा तथा मोबाइल के प्रसार ने तो संपूर्ण दुनिया के विचार प्रवाह को ही एक स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया।

     विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत मंत्री डॉ राज नारायण सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय पुनर्जागरण के कार्य में संगठन लगा हुआ है । भारत के धार्मिक , ,आध्यात्मिक , सांस्कृतिक , ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व के गौरवशाली स्तंभों का प्रचार प्रसार की जिम्मेवारी हमारी है । अपनी सनातन परंपराओं के ध्वजवाहक बनकर आगे आने वाली भावी पीढ़ी को उसके अनुसरण हेतु प्रेरित करना आवश्यक है । उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के दो संवाहकों  डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार एवं माधव सदाशिव गोवलकर  के जीवन पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र और संस्कृति के लिए उनके समर्पित जीवन पर प्रकाश डाला।

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