उर्वरकों की बढ़ती कीमतों से किसान परेशान, खेती करना होता जा रहा मुश्किल : अखिलेश
लखनऊ, 08 जून (वार्ता) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजल के दामों में लगातार वृद्धि के बाद अब उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।सोमवार को जारी एक बयान में श्री यादव ने कहा कि खाद, बीज और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण खेती करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं और अब खेती की लागत बढ़ने से उनकी स्थिति और खराब हो गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जिसके कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। खाद की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को किसानों के लिए एक नई चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई की मार से किसान और आम जनता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को किसानों और आम लोगों के जीवन-यापन की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है।
श्री यादव ने कहा कि किसानों को बिजली और खाद की बढ़ी हुई कीमतों का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि फसलों की बेहतर पैदावार के लिए नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश युक्त एनपीके उर्वरकों का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में इनकी कीमतों में वृद्धि से किसानों का मौसमी कृषि बजट प्रभावित हो रहा है और खेती की लागत बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन किसानों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनके अनुसार कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत और अन्य समस्याओं के कारण किसानों का खेती से मोहभंग हो रहा है।
श्री यादव ने केंद्र और राज्य सरकार से किसानों को राहत देने के लिए कृषि लागत कम करने तथा खाद, बीज, बिजली और डीजल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
प्रदीप

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