गोमांस खाने वालों और मूर्तिपूजा न मानने वालों का मंदिरों में प्रवेश प्रतिबंधित हो : सुनील घनवट

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) हिंदू तीर्थक्षेत्र केवल पर्यटन केंद्र नहीं, बल्कि हिंदुओं के पवित्र और जागृत आध्यात्मिक क्षेत्र हैं इसलिए गोमांस खाने वालों और मूर्तिपूजा न मानने वालों का मंदिरों में प्रवेश प्रतिबंधित हो ।

   उज्जैन के संतों और हिंदू संगठनों द्वारा रखी गई भूमिका का समर्थन करते हुए मंदिर महासंघ के समन्वयक  सुनील घनवट ने एक विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि हिंदू तीर्थक्षेत्र केवल पर्यटन केंद्र नहीं, बल्कि हिंदुओं के पवित्र और जागृत आध्यात्मिक क्षेत्र हैं। जिनका मूर्तिपूजा पर विश्वास नहीं है, जो हिंदू संस्कृति को नहीं मानते और जो गोमांस भक्षण कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को पैरों तले रौंदते हैं, उन्हें मंदिरों में प्रवेश चाहिए ही क्यों, ऐसे लोगों पर प्रवेशबंदी ही होनी चाहिए, ऐसी भूमिका मंदिर महासंघ ने रखी है।

   उन्होंने विज्ञप्ति में कहा है कि मंदिरों का सात्त्विक वातावरण बनाए रखने और पवित्रता भंग न हो, इसके लिए अहिंदुओं के मंदिर व मंदिर परिसर में प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाना समय की मांग है। इस संदर्भ में फोंडा, गोवा में मंदिर महासंघ की राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में उपस्थित महाराष्ट्र,  गोवा , कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के विभिन्न मंदिरों के ट्रस्टियों (विश्वस्तों) की उपस्थिति में एकमत से यह प्रस्ताव पारित किया गया।     

       श्री घनवट ने  कहा कि हिंदू मंदिरों की रक्षा के लिए यह नियमावली लागू होनी ही चाहिए। तीर्थक्षेत्रों के परिसर में पवित्रता नष्ट करने और चोरी.छिपे प्रवेश करने वाली विघातक प्रवृत्तियों के कारण हिंदू मंदिरों की पवित्रता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

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