विधानसभा चुनाव से पहले हारी सीटों पर फोकस करेगी भाजपा


लखनऊ, 30 जून (वार्ता) उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2022 के चुनाव में हाथ न लगने वाली सीटों पर अपनी पैठ को मजबूत करने की कवायद शुरु कर दी है।

पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने हाल ही में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हारी सीटों की रणनीति बनाई है। बैठक में तय हुआ कि हारी हुई सीटों पर विधानसभावार प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। ये प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाकर जिला, मंडल और बूथ स्तर तक के संगठन, स्थानीय मुद्दों और मतदान की रणनीति पर फीडबैक जुटाएंगे। जरूरत के मुताबिक संगठन को मजबूत करने की कार्रवाई भी कराएंगे।
क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी हारी हुई सीटों को जीत में बदलने के लिए जनता के बीच सक्रिय रहें और उनके मुद्दे सुलझाएं। बैठक में अवध, गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र की हारी सीटों पर खास चर्चा हुई। तीनों क्षेत्रों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जुलाई के पहले सप्ताह में दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आएंगे। सूत्रों के मुताबिक वह तीन व चार जुलाई को लखनऊ में रहकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन के कामकाज का जायजा लेंगे।
तैयारियों के बीच उनका दौरा अहम माना जा रहा है। इस दौरान वह पार्टी संगठन के नेताओं और आनुषांगिक संगठनों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के पदाधिकारियों से भी मुलाकात संभव है। वह नई टीम के अलावा क्षेत्रीय टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे। 2024 लोकसभा चुनाव में यूपी में सीटें घटने के बाद भाजपा ने ग्राउंड लेवल पर फोकस बढ़ाया है। हारी सीटों पर माइक्रो-मैनेजमेंट के जरिए 2027 में वापसी की तैयारी है।

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