"कैंसर की समय से पहचान और उपचार से बचाई जा सकती हैं कई जिंदगियां"
गोरखपुर। जिले में कैंसर की रोकथाम, समय से पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा एवं एम्स गोरखपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शिखा सेठ ने जिले के पांच ब्लॉकों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का अभिमुखीकरण किया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में सहजनवां, कैम्पियरगंज, बांसगांव, पिपराइच और सरदारनगर ब्लॉकों के सीएचओ को कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान तथा मरीजों को समय पर उपचार व्यवस्था से जोड़ने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ शिखा सेठ ने महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दोनों प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान हो जाने पर उपचार अधिक प्रभावी होता है और मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है। उन्होंने सीएचओ को सर्वाइकल कैंसर एवं स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उपायों के बारे में भी जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने सीएचओ को ओरल कैंसर की पहचान और उसके प्रमुख लक्षणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर और ओरल कैंसर के मामलों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर प्रारंभिक स्क्रीनिंग और पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मरीजों को समय रहते चिकित्सकों के पास संदर्भित किया जाना चाहिए, ताकि उनका शीघ्र उपचार शुरू हो सके।
डॉ झा ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान, समय से संदर्भन और सही समय पर उपचार उपलब्ध कराने से कैंसर से होने वाली मृत्यु के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सभी सीएचओ से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करें तथा संदिग्ध लक्षण मिलने पर मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ें।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश कुमार, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय, सहयोगी संस्था जपाइगो तथा यूपीटीएसयू के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कैंसर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना के महत्व पर बल दिया।
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