शिक्षा अच्छी होगी, परीक्षा सच्ची होगी तो तरक़्क़ी पक्की होगी - अखिलेश यादव

 


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्य्क्ष ने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन देश के शिक्षा-परीक्षा क्षेत्र की समस्याओं पर "विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट" समिट सीरीज़ का नवीनतम संस्करण प्रयागराज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में भारतीय शिक्षा-परीक्षा प्रणाली की दुर्दशा पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञों, युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों को एक साथ लाया गया।

       इस सुपर सेशन में मुख्य अतिथि अखिलेश यादव के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव  आलोक रंजन भी उपस्थित रहे। श्री यादव ने विस्तार से बात की कि कैसे हर क़दम पर शामिल भ्रष्ट लोगों की वजह से भारत की शिक्षा-परीक्षा प्रणाली के भीतर घोटाले होते हैं। उन्होंने कहा, “शिक्षा भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा अच्छी होगी, परीक्षा सच्ची होगी तो तरक़्क़ी पक्की होगी । 

      उन्होंने कहा कि शिक्षा का बजट लगातार घट रहा है। पाठ्यक्रमों पर एक नकारात्मक विचारधारा थोपी जा रही है। शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का इतना दबाव है कि उनकी जान तक जा रही है। प्राइवेट शिक्षा से साठगांठ की वजह से सरकारी स्कूल, संस्थान जानबूझकर बंद किये जा रहे हैं।”

      परीक्षा कि एहमियत पर अखिलेश यादव  ने कहा, “हर शिक्षा परीक्षा के बिना अधूरी है। पेपर बनाने वाले से लेकर रिज़ल्ट आने तक, नकल और घोटाले की पूरी चेन चलती है। शुरू होता है पेपर सेटर से — जो लाखों में पेपर बेच देता है या कोचिंग को पहले ही बता देता है कि क्या आएगा। फिर अनुवादक के हाथ में पेपर आते ही गलत ट्रांसलेशन होता है या पेनड्राइव में कॉपी करके लीक कर दिया जाता है। प्रिंटिंग प्रेस में एक्स्ट्रा कॉपी छपती है, फाइनल प्रूफ की फोटो खींच ली जाती है, और रात के अंधेरे में गोदाम से बंडल गायब हो जाता है। रास्ते में ट्रक बदल दिया जाता है, सील गर्म करके खोल दी जाती है, कस्टोडियन ही मिलीभगत कर लेता है।”

             श्री यादव ने कहा, “ पेपर सेटर से लेकर रिज़ल्ट तक, हर कड़ी पर पैसे, पहुँच और मिलीभगत से पूरा सिस्टम बिक जाता है — और बर्बाद होती है सिर्फ़ मेहनत करने वाले बच्चे की एक नहीं, आने वाली कई पीढ़ी। आज का दुर्भाग्य ये है कि परीक्षा सिस्टम ही फेल हो गया वो किसी और को क्या पास करेगा ।' अखिलेश यादव जी ने पुछा।  

   सपा अध्य्क्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि "विज़न इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट" शिखर सम्मेलन श्रृंखला का उद्देश्य भारत के विकास के लिए रचनात्मक, व्यावहारिक और लाभकारी विचारों को बढ़ावा देना है, जिसमें समावेशी विकास और संतुलित प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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