उप्र में कई जिलों में मूसलाधार बारिश, नदियां उफान पर, अगले 24 घंटे भी भारी वर्षा के आसार




लखनऊ, 20 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी तथा पश्चिमी दोनों हिस्सों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर अत्यधिक से अति भारी वर्षा हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा जनजीवन पर व्यापक प्रभाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वर्षा आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में 160 मिमी, बहराइच के महसी में 127 मिमी, श्रावस्ती के भिंगा में 122 मिमी, उन्नाव के हसनगंज में 119 मिमी, चंदौली में 111 मिमी तथा बलिया वेधशाला में 105.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा कैसरगंज, सकलडीहा, तुलसीपुर, बाराबंकी, गोरखपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, कानपुर, लखनऊ, आजमगढ़, संतकबीरनगर और प्रयागराज सहित अनेक जनपदों में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान रहा। बरेली के बहेड़ी में 174 मिमी, रामपुर के बिलासपुर में 152.4 मिमी, शाहजहांपुर के पवायां में 150.3 मिमी तथा शाहजहांपुर वेधशाला में 125.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त पीलीभीत, औरैया, झांसी, जालौन, बदायूं, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, मैनपुरी, आगरा, संभल, अमरोहा और ललितपुर सहित कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हुई।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के अनेक शहरों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को जहां नमी का लाभ मिला है, वहीं अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलनिकासी भी चुनौती बन गई है। गंगा, घाघरा, शारदा, राप्ती, सरयू तथा अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और तटीय क्षेत्रों पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने तथा मानसूनी ट्रफ उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय रहने के कारण अगले 24 घंटों में भी प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अधिकांश स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने तथा राहत एवं बचाव संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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