लाल मिर्च की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिये बनी नई चुनौती
महराजगंज, 01 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से लगी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लाल मिर्च की बढ़ती तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गई है। नेपाल में लाल मिर्च की अधिक मांग और ऊंचे दाम के कारण तस्कर पगडंडियों और नो-मैन्स लैंड के रास्तों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से खेप पार कराने का प्रयास कर रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 30 जून को सोनौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शेष फरेन्दा पंचायत भवन मार्ग पर नो-मैन्स लैंड के निकट सुरक्षा कर्मियों ने तीन साइकिलों पर लावारिस हालत में रखी तीन बोरी लाल मिर्च तथा छह बोरी खुली लाल मिर्च बरामद की। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि यह खेप नेपाल में अवैध तस्करी के लिए रखी गई थी। बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी कर दी है।सूत्रों के अनुसार नेपाल में सूखी लाल मिर्च की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में 120 से 140 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाली अच्छी गुणवत्ता की लाल मिर्च नेपाल में 200 से 220 नेपाली रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक जाती है। अधिक मुनाफे के कारण तस्कर अब चावल, खाद और कपड़ों के साथ मसालों की तस्करी में भी सक्रिय हो गए हैं।
बताया गया कि तस्कर छोटे-छोटे कैरियरों के माध्यम से 10 से 15 किलोग्राम की खेप पगडंडियों से सीमा पार भेजते हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का इस्तेमाल कैरियर के रूप में किया जाता है ताकि संदेह कम हो। दिन में माल खेतों में छिपाकर रखा जाता है और रात के समय नो-मैन्स लैंड पार कराया जाता है।
सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने तस्करी रोकने के लिए ड्रोन, नाइट विजन कैमरों और डॉग स्क्वॉड की मदद से निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही सीमावर्ती गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को तस्करी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि महराजगंज जिले से भारत-नेपाल की लगभग 84 किलोमीटर लंबी खुली सीमा लगी हुई है। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के पारंपरिक संबंधों के कारण लोगों की आवाजाही सामान्य रहती है, जिसका फायदा तस्कर उठाने का प्रयास करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग भी आवश्यक है।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है तथा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें