अगले सात दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (वार्ता) उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र के कारण अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां काफी तेज होने वाली हैं।
मौसम विभाग ने गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है। मानसून और पश्चिमी विक्षोभ दोनों के कारण देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज किए जाने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने ओडिशा के कुछ हिस्सों में आज 21 सेमी या उससे अधिक की अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। अत्यधिक बारिश के चलते ओडिशा के 23 जिलों और छत्तीसगढ़ के 13 जिलों के निचले इलाकों में 17 जुलाई की सुबह तक अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा, उत्तराखंड में 18 से 21 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 से 21 जुलाई के बीच मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में भारी जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को फिलहाल उमस भरी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 जुलाई की शाम या रात से मौसम का मिजाज बदलेगा और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू होगा।
इसके बाद 18 और 19 जुलाई को दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। इससे अधिकतम तापमान गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस से 37 डिग्री के बीच आ जाएगा, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। दूसरी तरफ, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में अगले दो दिनों तक लू का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं।
मौसम के इस उग्र रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी है। समुद्र में इस दौरान तेज हवाओं के साथ ऊंची लहरें उठने की आशंका है।
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