इटावा को पहचान के संकट से उभारने का काम भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने किया : योगी आदित्यनाथ
इटावा , 26 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इटावा को पहचान के संकट से उभारने का काम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डबल इंजन की सरकार ने किया है।इटावा के नुमाइश पंडाल पहुंचे योगी ने रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए कि कहा कि अब इटावा के नाम पर कहीं भय और दहशत नहीं है, नौजवान के सामने पहचान का संकट नहीं है। पहचान के संकट से उबारने का काम भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने किया है।
उन्होंने कहा कि आज इटावा के नाम से न तो भय जुड़ा है और न ही यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट है। जो सम्मान प्रदेश के अन्य जनपदों के लोगों को मिलता है, वही सम्मान आज इटावा के लोगों को भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने इटावा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब इटावा के नाम पर लोगों में भय का माहौल रहता था, लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब इटावा के नौजवानों के सामने पहचान का कोई संकट नहीं है और जो सम्मान प्रदेश के अन्य जनपदों के निवासियों को मिलता है, वही सम्मान आज इटावा के लोगों को भी प्राप्त हो रहा है।
योगी ने कहा कि इटावा से चुनाव जीतने वाले नेताओं ने ही यहां की जनता के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। पिछली सरकारों के दौरान स्थिति यह थी कि दूसरे शहरों में इटावा के नाम पर लोगों को किराए के कमरे तक नहीं मिलते थे। उन्होंने कहा है कि निवेश के नाम पर सब कुछ नदारद था, क्योंकि उद्योगपति और व्यापारी कहते थे कि जहां आम इंसान खुद सुरक्षित नहीं है, वहां उनकी पूंजी कैसे सुरक्षित रहेगी। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा करके दिखाया है और इटावा को उसकी खोई हुई गरिमा वापस लौटाई है।
विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सरकारों ने प्रदेश के हर जनपद को एक-एक माफिया दिया था और पूरे उत्तर प्रदेश को संगठित अपराध का गढ़ बना दिया था। उस दौर में राज्य की पहचान अराजकता और दंगों से जोड़ दी गई थी, जिससे स्थानीय कारीगर बेरोजगार हो गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक खास सिंडिकेट का कब्जा था, जहां योग्यता के आधार पर नौकरियां नहीं मिलती थीं बल्कि नौकरियां बेची जाती थीं। उन्होंने कहा कि यूपी को दंगे और अपराध की आग में झोंकने वाले वे लोग आज खुद अपनी राजनीतिक पहचान खो चुके हैं और प्रदेश विकास के नए आयाम छू रहा है।
योगी ने कहा कि इटावा की पहचान का संकट 2017 से पहले यहां से जीतने वालों ने ही खड़ा किया था। वर्ष 2017 में जब भाजपा की सरकार बनी तो उन्होंने संगठित अपराध को तोड़ने व माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का काम किया। हमने उसे तोड़ने का काम किया है। किसान आत्महत्या कर रहा था, नौजवान बेरोजगार था । आज सभी वर्गों के लोग पहचान के संकट से उबर चुके हैं लेकिन जिन्होंने संकट खड़ा किया था अब उनके सामने स्वयं संकट खड़ा है। आज प्रदेश में न उपद्रव है, न कर्फ्यू है अब उत्सव चल रहा है। जहां पूर्व में लोग यूपी वालों से दूरी बनाते थे तो वहीं अब नजदीकियां बढ़ाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सैफई सिंडिकेट ने वंशवाद व जातिवाद में धकेल दिया था। प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। इस सिंडिकेट से मुक्ति पाइए। हमारा प्रदेश अब भारत की अर्थ व्यवस्था में ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। शिक्षकों को कैशलैस की सुविधा दी जा रही है। आज मंदिरों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है 2017 के पहले यह धन कब्रिस्तानों में लगता था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन नहीं होने देते थे, दंगे शुरू हो जाते थे। नौ साल में कोई दंगा नहीं हुआ। आज बेटियां सुरक्षित हैं। व्यापारी भयमुक्त है। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले जेल जहन्नुम में जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सैफई की वजह से इटावा मैनपुरी बदनाम होता था। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया था, अखिलेश यादव को देखने की फुर्सत नहीं थी हमने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल व बच्चा अस्पताल दिया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनाया, ताखा में औद्योगिक कारिडोर बनेगा, लिंक एक्सप्रेसवे से इटावा को जोड़ा जाएगा। चंबल नदी पर सिग्नेचर ब्रिज बन रहा है। भरथना बाईपास बनाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई परिवार के लोग 12 बजे सोके उठते थे, दो बजे तैयार हो पाते थे। पांच बजे जिम चले जाते थे, शाम को महफिल जम जाती थी। नौकरी निकलने पर चाचा-भतीजे की जोड़ी निकल पड़ती थी। हर जिले में गुंडे- माफिया पैदा कर दिए गए थे, आज विकसित उत्तर प्रदेश बन रहा है। इटावा के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया। पूरे प्रदेश में 75 जिलों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने 604 करोड़ की लागत से 128 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री के इटावा दौरे से पहले पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कई नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री का घेराव कर काले झंडे दिखाने का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया।
पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य 'बबलू', जिला महासचिव वीरू भदौरिया, गोपाल यादव, सरिता यादव सहित कई सपाइयों को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशुतोष दीक्षित, पल्लव दुबे, राशिद खान समेत कई कांग्रेस नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो सके। जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें