"मिट्टी के घर से संसद तक के सफर का आधार है अटूट आत्मविश्वास" - रवि किशन शुक्ला
गोरखपुर 18 जुलाई, 2026। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अंतर्गत 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' योजना के तहत एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद एवं प्रख्यात अभिनेता श्री रवि किशन शुक्ला ने शनिवार को औपचारिक रूप से 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' का कार्यभार ग्रहण किया तथा विद्यार्थियों के बीच अपना प्रथम व्याख्यान दिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के इस प्रावधान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है, ताकि शिक्षा को अधिक प्रभावी, रोजगारपरक और जीवनोपयोगी बनाया जा सके।
सकारात्मक सोच और निरंतर सीखना ही सफलता का आधार
अपने प्रथम व्याख्यान में सांसद रवि किशन ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए सकारात्मक सोच, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और आत्मविश्वास को सफलता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
उन्होंने कहा, "यदि व्यक्ति के भीतर कुछ कर गुजरने का दृढ़ संकल्प और अटूट आत्मविश्वास हो तो दुनिया की कोई भी परिस्थिति उसे रोक नहीं सकती। एक समय था जब मैं मिट्टी के घर में रहता था और आज जनता के आशीर्वाद से देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था संसद तक पहुँचा हूँ। यह यात्रा निरंतर प्रयास, संघर्ष और अपनी कला के प्रति समर्पण का परिणाम है।"
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखने और निरंतर अभ्यास करते रहने का संदेश देते हुए कहा कि गोरखपुर के युवाओं में अपार क्षमता है और वे उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच तक पहुँचाने के लिए हरसंभव सहयोग करेंगे। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कक्षाओं में अनुशासन और नियमित उपस्थिति पर दिया विशेष बल
रवि किशन ने स्पष्ट किया कि वह 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' की अपनी भूमिका को अत्यंत गंभीरता से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी तथा कक्षाओं का संचालन पूर्ण अनुशासन एवं प्रतिबद्धता के साथ होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी पहल
इस अवसर पर ललित कला एवं संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने सांसद रवि किशन का स्वागत करते हुए उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में रवि किशन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कलाकार का जुड़ना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। उनके अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास तथा व्यावसायिक कौशल को नई दिशा देंगे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अभिनय, कला, करियर, संघर्ष और सफलता से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका रवि किशन ने सहजता एवं विस्तार से उत्तर देते हुए उनका मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में ललित कला एवं संगीत विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उषा सिंह, सहायक आचार्य डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी एवं डॉ. प्रदीप राजोरिया उपस्थित रहे। साथ ही शोधार्थी शिवम कुमार गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, आदित्य कुमार वर्मा, निवेदिता यादव, प्रिंस कुमार कांडू, अमृता जायसवाल, पूजा चौधरी, शिवांगी पांडे सहित विभाग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने इस ऐतिहासिक व्याख्यान में सहभागिता की।
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