विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की होगी निर्णायक भूमिका : आनंदीबेन पटेल


जौनपुर, 27 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि भारत विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने सपनों को संकल्प में बदलें तथा समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी सभागार में आयोजित 30वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र और चरित्र निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और व्यक्तित्व विकास भी उतने ही आवश्यक हैं।
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 83 मेधावी विद्यार्थियों (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) को कुल 84 स्वर्ण पदक प्रदान किए। इसके अलावा 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक शोधार्थी को डीएससी की उपाधि प्रदान की गई। विश्वविद्यालय में एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 39 छात्राओं का टीकाकरण भी कराया गया।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक है, जो बेटियों की बढ़ती शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रमाण है। हालांकि शोध के क्षेत्र में अभी भी छात्र आगे हैं। उन्होंने छात्रों से अधिक परिश्रम करने तथा छात्राओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी पाने की मानसिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। आज भारत के युवा स्टार्टअप, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, रक्षा, कृषि और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत-2047" के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में यह अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश के सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों में महापुरुषों के जीवन, विचारों और योगदान पर आधारित भाषण, निबंध, चित्रकला एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए, ताकि नई पीढ़ी देश की महान विभूतियों से परिचित हो सके।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश एनसीसी के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम ने कहा कि आज के युवाओं के लिए केवल पुस्तक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना सफलता की अनिवार्य शर्तें हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा साइंस और उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्षता विकसित करने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि संस्थान ने शोध, नवाचार, पेटेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण, नए रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, स्मार्ट क्लासरूम, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान, अनुसंधान और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका "गतिमान" का विमोचन भी किया गया। जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी शुभम गुप्ता को एमए जनसंचार एवं पत्रकारिता में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक सहित दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट, ज्यामिति बॉक्स तथा महापुरुषों पर आधारित पुस्तकें वितरित कीं। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के खेल प्रतियोगिता विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। साथ ही 500 आंगनबाड़ी किट वितरित कर बाल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गार्डनिंग के क्षेत्र में रोजगार की है अपार संभावनाएं: डॉ वीरेंद्र सिंह

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना