अखिलेश के जन्मदिन पर सपा की अंदरूनी खींचतान चर्चा में
इस बीच राजनीतिक गलियारों में चल रही उन चर्चाओं पर भी सवाल उठे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वरिष्ठ सपा नेता कमाल अख्तर से मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा लिए जाने के पीछे सांसद रुचि वीरा की शिकायत या दबाव था। इस पर रुचि वीरा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े निर्णय लेना राष्ट्रीय अध्यक्ष का विशेषाधिकार है और इस निर्णय के कारणों से वही अवगत हैं।
समारोह के दौरान यह भी चर्चा का विषय रहा कि जिले के किसी भी वर्तमान सपा विधायक की कार्यक्रम में मौजूदगी नहीं रही। इसे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक मतभेदों से जोड़कर देखा गया। वहीं, हाल में आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन के पोस्टर एवं होर्डिंग से सांसद रुचि वीरा का चित्र नहीं होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं रहीं।
इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए रुचि वीरा ने कहा कि वह किसी प्रकार की व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार की इच्छुक नहीं हैं और उनका उद्देश्य केवल जनता के बीच रहकर पार्टी की नीतियों और पीडीए के सिद्धांतों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी मुरादाबाद जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी तथा अखिलेश यादव पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

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