गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में बदलेगा रेल पुल का एलाइमेंट
गोरखपुर 16 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के तहत बनने वाले पुल के एलाइमेंट को लेकर हुयी आज बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने निर्देश दिया कि एलाइमेंट परिवर्तन से जुड़े सभी पहलुओं का गहन अध्ययन कर शीघ्र प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।
जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय में रेलवे अधिकारियों एवं इंजीनियरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में बड़हलगंज क्षेत्र में पुल के एलाइमेंट में बदलाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और तकनीकी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना का कार्य इन दिनों तेजी से प्रगति पर है। लगभग 81 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 11 से 12 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें सहजनवा, मगहर, बांसगांव, पिपरौली, खजनी और उनवल प्रमुख हैं। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। प्रथम चरण में सहजनवा से बांसगांव तक करीब 33 किलोमीटर लंबाई में निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस खंड में मिट्टी भराई, पिलर निर्माण और अन्य प्रारंभिक कार्य तेजी से चल रहे हैं।
इस परियोजना के तहत बड़हलगंज के पास घाघरा (सरयू) नदी पर एक विशाल रेलवे पुल का निर्माण किया जाएगा, जो इस पूरे रेल मार्ग की सबसे महत्वपूर्ण संरचनाओं में से एक होगा। इसके अलावा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे यातायात सुगम होगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अधिकांश किसानों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है।
परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। गोरखपुर से वाराणसी और लखनऊ जाने वाली ट्रेनों के लिए एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
इस दौरान अधिकारियों ने निर्माण स्थल पर चल रहे मिट्टी भराई एवं पिलर निर्माण कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी और समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिलाया।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, डिप्टी चीफ इंजीनियर अतुल त्रिपाठी सहित अन्य रेलवे इंजीनियर और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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