देश और प्रदेश में डबल इंजन सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण अपराधियों के हौसले पस्त : योगी आदित्यनाथ
बिजनौर/मुरादाबाद, 17 जुलाई (वार्ता) देश और प्रदेश में डबल इंजन सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण अपराधियों के हौसले पस्त हैं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपने तूफानी दौरे के दौरान शामली के बाद बिजनौर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री ने महात्मा विदुर की पावन धरती बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए जिले को प्रगति की नई रफ्तार दी। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों को समाज में दंगा कराने के लिए 'जिन्ना' पसंद है, जबकि हमारी सरकार को किसानों की समृद्धि के लिए 'गन्ना' पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का एजेंडा समाज में विभाजन पैदा करना नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, एकता को मजबूत करना और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की कानून-व्यवस्था में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले बिजनौर में अपराध और माफिया का दबदबा था, जिसके चलते कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए।
श्री योगी ने कहा कि पहले के मुख्यमंत्री बिजनौर आने से भी कतराते थे, लेकिन आज डबल इंजन सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण अपराधियों के हौसले पस्त हैं और नौ साल पहले की तुलना में आज का बिजनौर विकास की एक नई व स्वच्छ पहचान के साथ देश के सामने खड़ा है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के अन्नदाता किसानों, युवाओं, व्यापारियों और कारीगरों की सराहना करते हुए कहा कि बिजनौर की समृद्धि इन्हीं की मेहनत का परिणाम है। किसानों और आमजन के हितों को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर सरकार ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जिससे अब किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। इसके साथ ही उन्होंने बिजनौर के विकास को नया आयाम देने के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार अब हरिद्वार तक किया जाएगा, जिससे जिले को अभूतपूर्व कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि बिजनौर में मेडिकल कॉलेज के बाद अब नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने विभाजन के दंश को झेलने वाले विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके पिछले दौरे के दौरान पड़ापुर क्षेत्र में पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित हुए करीब 3,000 लोगों को जमीन के पट्टे उपलब्ध कराने का ऐतिहासिक अवसर मिला, जो लोग लंबे समय से न्याय की आस लगाए बैठे थे। श्री योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास का पैमाना लखनऊ में नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए सांसद, विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष तय करते हैं, जो क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाते हैं और सरकार उसके लिए पर्याप्त बजटीय व्यवस्था सुनिश्चित करती है। जनसभा को संबोधित करने और करोड़ों रुपये की सौगात देने के बाद मुख्यमंत्री अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।

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