संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए मिल कर करेंगे काम, डेंगू से बचाएगा विशेष अभियान
गोरखपुर। जिले में प्रदेशव्यापी संचारी रोग नियंत्रण अभियान का बुधवार को नगर निगम गोरखपुर से आगाज हो गया। महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन और सीएमओ डॉ राजेश झा ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखा कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मौजूद लोगों को संचारी रोगों से बचाव की शपथ भी दिलाई गई। इस बीच, जिले में डेंगू से बचाव के लिए भी विशेष अभियान चलाने की तैयारी है। इसके तहत मलिन बस्तियों और हॉस्टल्स में साफ-सफाई के साथ-साथ डेंगू से बचाव का संदेश दिया जाएगा। इसी कड़ी में महानगर के हट्ठी माता स्थान के पास सोमवार को सीएमओ की मौजूदगी में साफ-सफाई कर एंटी लार्वल का छिड़काव किया गया।
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा की देखरेख में जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा। अभियान में स्वास्थ्य विभाग सहित करीब एक दर्जन विभागों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इसके अलावा 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के संयुक्त सहयोग से दस्तक अभियान भी चलेगा। अभियान के उद्घाटन अवसर पर साफ-सफाई में बेहतर योगदान देने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया।
उद्घाटन अवसर पर महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नागरिकों और स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस माह भी सघन अभियान चला कर लोगों को इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संचारी रोगों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही इन बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए सम्मिलित प्रयास होंगे।
नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में नगर निगम भी अपनी पूरी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। नालियों की सफाई और एंटी लार्वल का छिड़काव करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। पूरे अभियान के दौरान नगर निगम की टीम सक्रिय सहयोग करेगी।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण ही गोरखपुर जिले में मस्तिष्क ज्वर (जेई) नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। पिछले पांच वर्षों में जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) से एक भी मृत्यु दर्ज नहीं हुई है। यह उपलब्धि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों तथा जनजागरूकता गतिविधियों का ही परिणाम है।
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि गोरखपुर में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) एवं जेई के मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के लिए 19 वेंटीलेटर युक्त मिनी पीआईसीयू स्थापित किए गए हैं। इन इकाइयों के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर रोगियों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत शामिल सभी विभाग अपनी-अपनी तिथिवार कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित गतिविधियों को क्रियान्वित करते हैं। अभियान में स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाता है, जबकि पंचायती राज, नगर विकास, पशुपालन तथा कृषि विभाग की विशेष और महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा, डॉ विनय पांडेय, डॉ एनके द्विवेदी, डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश कुमार, एएमओ प्रभात रंजन सिंह, डिप्टी डीएचईआईओ सुनीता पटेल, डीपीएम पंकज आनंद और वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल कंसल्टेंट सिद्धेश्वरी सिंह के साथ मलेरिया व फाइलेरिया विभाग की टीम, नगर निगम कर्मी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।
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