राधाकृष्णन, मोदी और शाह सहित विभिन्न नेताओं ने अर्पित की डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि
नयी दिल्ली, 06 जुलाई (वार्ता) उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पश्चिम बंगाल के राज्यापाल आर.एन. रवि और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित विभिन्न नेताओं ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय एकता, बंगाल के राजनीतिक इतिहास और आधुनिक भारत को आकार देने में उनके योगदान के लिए याद किया।श्री राधाकृष्णन ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एक जाने-माने शिक्षाविद, दूरदर्शी राजनेता और राष्ट्र-निर्माता के तौर पर, डॉ. मुखर्जी ने भारत की शैक्षिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक यात्रा पर गहरी छाप छोड़ी। कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के उप-कुलपतियों में से एक, संविधान सभा के सदस्य, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष, स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री और भारतीय जनसंघ के संस्थापक के रूप में उन्होंने देश की असाधारण सेवा की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के पक्के समर्थक डॉ. मुखर्जी ने भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के पूर्ण विलय के प्रयास में अपने प्राणों की आहुति दी। एक मजबूत, एकजुट, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के सामूहिक प्रयास में उनका जीवन और उनके आदर्श पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने इस देश की एकता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे महान बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएंगे। डॉ. मुखर्जी ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहाँ हर नागरिक एक ही संवैधानिक ढांचे के तहत समान हो, और अनुच्छेद 370 को हटाना राष्ट्रीय अखंडता के प्रति उनके जीवन भर के समर्पण के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि थी।
इस मौके पर श्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन पर एक लेख लिखा है और कई क्षेत्रों में उनके योगदान पर प्रकाश डाला है। राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में उनकी भूमिका का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी की 'विविध उपलब्धियां - चाहे वह कुलपति, मंत्री, राजनीतिक नेता या अन्य भूमिकाएं हों - उनके सार्वजनिक जीवन के व्यापक दायरे को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को हटाना उनके प्रयासों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
श्री शाह ने डॉ. मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक और देश की एकता, अखंडता तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के ज़बरदस्त समर्थक के तौर पर याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "डॉ. मुखर्जी ने 'राष्ट्र प्रथम' के आदर्श को अपने जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया।" उन्होंने कहा कि बंगाल के बंटवारे के समय डॉ. मुखर्जी की 'दूरदर्शी नेतृत्व और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनके जीवन भर के संघर्ष को भारतीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।"
श्री रवि ने डॉ. मुखर्जी को एक दूरदर्शी राष्ट्रवादी नेता, अखंड भारत के लिए एक बेहतरीन क्रांतिकारी और एक प्रख्यात विद्वान बताया। उन्होंने कहा कि बंटवारे के दौरान उनकी मज़बूत नेतृत्व यह सुनिश्चित करने में निर्णायक साबित हुई कि पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना रहे।" जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक बदलावों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "भारत में जम्मू-कश्मीर के पूरी तरह विलय के लिए डॉ. मुखर्जी के सर्वोच्च बलिदान ने पीढ़ियों को प्रेरित किया और 2019 में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ उनका सपना आखिरकार पूरा हुआ।"
श्री अधिकारी ने डॉ. मुखर्जी को भारत माता का बहादुर पुत्र, दूरदर्शी राजनेता और राष्ट्रवादी बताया और कहा कि राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी। शिक्षा और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पश्चिम बंगाल का निर्माता और जनसंघ का संस्थापक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी की दूरदर्शी नेतृत्व, अटूट देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने कहा कि उनके (डॉ. मुखर्जी) बलिदान, आदर्श और देश के लिए योगदान हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, " राष्ट्रवाद, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एक कट्टर समर्थक डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं। "उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी जी ने 'एक देश, दो संविधान, दो सिर, दो प्रतीकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा' के दृढ़ संकल्प के साथ अपना जीवन राष्ट्र की एकता और अखंडता को समर्पित किया। उनका राष्ट्रवादी दृष्टिकोण आज भी भारत की नीतियों और प्रतिबद्धताओं में जीवित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनके इस दृष्टिकोण को साकार किया जा रहा है।

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