राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : दूसरी बार राम मंदिर पहुंची एसआईटी, जांच तेज
अयोध्या, 02 जुलाई (वार्ता) श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा प्रकरण की जांच लगातार तेज होती जा रही है। गुरुवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) दूसरी बार राम मंदिर पहुंची और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की। इस बीच अधिवक्ताओं ने ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को निर्माणाधीन मकान के संबंध में नोटिस जारी किया है।अधिकारियों के अनुसार एसआईटी गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे राम मंदिर पहुंची और चढ़ावे की गणना से संबंधित अभिलेखों तथा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इससे पहले 15 से 20 जून तक एसआईटी अयोध्या में रहकर मामले की विस्तृत जांच कर चुकी है।
इससे पहले सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पुलिस की टीम भी मंदिर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने लगभग दो घंटे तक उस कक्ष का निरीक्षण किया, जहां मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की गणना की जाती है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जांच की गई।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर गुरुवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा तथा गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सिविल लाइंस पुलिस चौकी के पास रोक दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल थाना रामजन्मभूमि पहुंचा और तीनों समेत चार लोगों के विरुद्ध शिकायत पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की रसीद प्रतिनिधिमंडल को सौंप दी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो अधिवक्ता बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
इसी मामले में गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने निर्माणाधीन मकान के संबंध में नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण ने भवन निर्माण की वैधता पर सवाल उठाते हुए छह दिन के भीतर जवाब मांगा है।
नोटिस में पूछा गया है कि निर्माणाधीन भवन का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत कराया गया था या नहीं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। जांच के अनुसार लवकुश मिश्रा ने वर्ष 2025 में अपनी पत्नी के नाम 1,032 वर्गफुट भूमि खरीदी थी, जिस पर फरवरी 2026 से एक आलीशान मकान का निर्माण कराया जा रहा है। हाईवे के निकट स्थित इस भवन की अनुमानित लागत 80 लाख से एक करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार लवकुश मिश्रा राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे की गणना का कार्य करता था और उसे प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये वेतन मिलता था। ऐसे में सीमित आय के बावजूद महंगे भवन के निर्माण को लेकर भी जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि चढ़ावा प्रकरण में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। उसकी गिरफ्तारी के समय उसके पास से 14 लाख रुपये बरामद होने का दावा किया गया था। वहीं, चढ़ावे की गणना से जुड़े एक अन्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित आवास पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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