कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देंगे भारत और जापान


नयी दिल्ली 02 जुलाई (वार्ता) भारत और जापान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने पर सहमति व्यक्त करते हुए एआई गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सानाए के बीच गुरुवार को यहां भारत -जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद एआई के क्षेत्र में सहयोग के लिए जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग संसाधनों सहित सुरक्षित एआई अवसंरचना विकसित करने तथा बहुभाषी और ओपन-सोर्स एआई मॉडल पर संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच नियमित भारत-जापान एआई रणनीतिक संवाद जारी रखने, जी 20 और एआई पर वैश्विक पार्टनरशिप तथा संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर एआई गवर्नेंस के मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर भी सहमति बनी। संयुक्त बयान में शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों के बीच एआई अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों का स्वागत किया गया। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक उच्च कौशल वाले 500 भारतीय एआई पेशेवरों को जापान में शोध सहयोग, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी पुष्टि की।
भारत और जापान ने सुरक्षित, विश्वसनीय, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई को बढ़ावा देने, एआई आधारित साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, हिंद-प्रशांत और ग्लोबल साउथ में एआई क्षमता निर्माण का समर्थन करने तथा जनकल्याण के लिए एआई आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान द्वारा जल्द से जल्द एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की घोषणा का भी स्वागत किया।

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