यूपी बोर्ड ने स्कूलों के मान्यता नियमों में किया बदलाव, अब पूरे वर्ष किए जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदन


लखनऊ, 25 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट विद्यालयों की मान्यता संबंधी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए मान्यता एवं परिवर्द्धन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को वर्ष भर संचालित रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, किसी शैक्षिक सत्र के लिए मान्यता पर विचार किए जाने के लिए 31 मई तक निर्धारित मानकों और औपचारिकताओं को पूरा करना आवश्यक होगा।

महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने विशेष बातचीत के दौरान इसकी जानकारी दी। श्री शर्मा ने बताया कि संशोधित नियमों के अनुसार, " विद्यालय वर्ष के किसी भी समय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मान्यता के लिए आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई संस्थान 31 मई तक सभी आवश्यक शर्तों और औपचारिकताओं को पूरा कर लेता है तो उसके आवेदन पर अगले परीक्षा वर्ष के लिए विचार किया जाएगा।"
उन्होंने बताया कि यदि निर्धारित मानक और औपचारिकताएं 31 मई के बाद पूरी होती हैं तो संबंधित आवेदन पर अगले शैक्षिक वर्ष के लिए विचार किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इससे पहले मान्यता के लिए आवेदन की समय-सीमा 31 मई निर्धारित थी। एक अप्रैल से 15 मई तक बिना विलंब शुल्क आवेदन स्वीकार किए जाते थे, जबकि 16 मई से 31 मई तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन लिए जाते थे। 31 मई के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते थे।
नई व्यवस्था में आवेदन वर्ष भर किए जा सकेंगे, लेकिन मान्यता प्रभावी होने का समय आवेदन की औपचारिकताएं पूरी होने की तिथि पर निर्भर करेगा। संशोधित प्रावधानों में 26 दिसंबर 2022 से पहले परिषद से मान्यता प्राप्त कर संचालित संस्थानों को भी राहत दी गई है। ऐसे विद्यालयों का क्षेत्रफल उसी समय लागू परिषद के मानकों के अनुसार मान्य रहेगा। यदि ये संस्थान नई कक्षाओं, अतिरिक्त वर्गों या अतिरिक्त विषयों की मान्यता चाहते हैं तो उन्हें केवल अतिरिक्त कक्षा-कक्ष और प्रयोगशालाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए नए क्षेत्रफल संबंधी मानकों को लागू नहीं किया जाएगा।
परिषद ने खेल सुविधाओं के संबंध में भी कुछ बदलाव किया है। विद्यालयों में एथलेटिक्स, कबड्डी, कुश्ती, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, लॉन टेनिस, ओपन जिम्नेजियम सहित अन्य आउटडोर और इंडोर खेलों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
संशोधित प्रावधानों में 26 दिसंबर, 2022 से पहले परिषद से मान्यता प्राप्त कर संचालित विद्यालयों को भी राहत दी गई है। नए नियमों के अनुसार, ऐसे संस्थानों का क्षेत्रफल उसी मानक के अनुसार मान्य रहेगा, जो उनकी मान्यता के समय प्रभावी था।
साथ ही, यदि ऐसे विद्यालय इंटरमीडिएट स्तर पर नया वर्ग, अतिरिक्त वर्ग या अतिरिक्त विषय शुरू करने के लिए मान्यता चाहते हैं, तो उन्हें केवल अतिरिक्त कक्षा-कक्ष और प्रयोगशाला की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। उनके लिए नए क्षेत्रफल संबंधी मानकों का पालन अनिवार्य नहीं होगा।
गौरतलब है कि नए संशोधनों का उद्देश्य मान्यता प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाना, संस्थानों को आवेदन के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना तथा पूर्व से संचालित विद्यालयों को अतिरिक्त कक्षाओं और विषयों की मान्यता प्राप्त करने में सुविधा देना है।

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