नए भारत’ के ‘नए यूपी’ में विदेशी आक्रांताओं का स्मारक या मेला नहीं होगा: योगी


बहराइच, 21 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में किसी विदेशी आक्रांता का स्मारक या उसके नाम पर मेला स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य मेले और आयोजन कराएगी।

मुख्यमंत्री बहराइच जिले के महसी और नानपारा विधानसभा क्षेत्रों में 352 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने महाराजा सुहेलदेव को सम्मान नहीं दिया और विदेशी आक्रांता सालार मसूद के नाम पर गाजी मियां का मेला आयोजित कराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस पर रोक लगाई है और भविष्य में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर ही आयोजन होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच अब आकांक्षी जिले से प्रेरणादायी जिले की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बहराइच बुनियादी ढांचे में प्रथम, कृषि में द्वितीय और शिक्षा में चतुर्थ स्थान पर पहुंचा है। इस उपलब्धि पर नीति आयोग ने जिले को 21 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 102 किलोमीटर लंबे बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण के लिए 7,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा घाघरा (सरयू) नदी पर बाढ़ सुरक्षा की 22 परियोजनाओं के लिए 115 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
योगी ने कहा कि रुपईडीहा सीमा पर औद्योगिक लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी तैयार है, जबकि बहराइच-खलीलाबाद रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज, ऋषि बालार्क के नाम पर अस्पताल, विद्यालयों के उन्नयन और पुनर्वास कॉलोनी जैसी कई परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परिवारवाद और विकास की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है तथा अपराधियों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति जारी रहेगी। अपने संबोधन के अंत में योगी ने कतर्नियाघाट क्षेत्र में वन्यजीवों से होने वाली घटनाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग को गश्त बढ़ाने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

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