28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया-  डॉ0 शशिकांत

 


         जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है इसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैली मासिक धर्म संबंधित गलत अवधारणा को दूर करना है महिलाओं और बालिकाओं को इसकी संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए बालिकाओं में गलत धारणा बन गई है और  इसके कारण वे स्कूल नहीं जाते हैं बालिकाओं में 9 से 12 वर्ष की आयु में उनके शारीरिक उनके शरीर में सामान्य प्रक्रिया बनी रहती है 12 से 13 वर्ष की आयु में उनका महावारी शुरू हो जाता है लेकिन बहुत सारी बालिकाएं ऐसी हैं  इसे शर्म मानते है मेरा उन लोगों से निवेदन है कि आप इन से डरे ना इससे आप डटकर सामना करें और अपने पीरियड से 1 हफ्ते पहले अपने डाइट पर पूर्ण रुप से ध्यान रखें प्रोटीन कैल्शियम आयरन और अन्य पर ध्यान दें जिससे जो पीरियड आने वाला है उसमें आपको सहायता मिलेगी l


 ✍️ महावारी क्या है
 मासिक धर्म को हम  नीम्न नामों से जान सकते हैं।  जैसे रजःस्राव, 
ऋतुस्राव,  महावारी महीना होना मासिक स्राव रितु धर्म।
हमारे देश में प्रायः 12 से 13 वर्ष की आयु में लड़कियों को मासिक धर्म होना प्रारंभ हो जाता है तथा 40 से 50 वर्ष की आयु में यह बंद भी हो जाता है एक स्वस्थ महिलाओं को हर 28 दिन मासिक धर्म आना चाहिए सामान्यतः मासिक स्राव 3 से 5 दिन का होता है। और इसकी मात्रा 8 औंस से 15 औंस तक होना चाहिए मासिक स्राव से निकलने वाले रक्त का रंग खरगोश के खून जैसा उत्तम माना जाता है मासिक स्राव के समय अत्यंत सामान्य कष्ट भी होता है परंतु अधिक कष्ट होना एक अपने आप में बीमारी का लक्षण है।
मासिक स्राव का जल्दी अथवा विलंब से होना अधिक दिनों तक यह किसी बीमारी से संबंधित हो सकता है स्त्रियों के 80% लोग प्रायः मासिक स्त्राव की गड़बड़ियों के कारण ही होता है मासिक स्राव की अनियमितता पर जरूर ध्यान दें क्योंकि मासिक धर्म यदि हर महीने नहीं आता है तो यह अपने आप में भी एक बड़े बीमारी का लक्षण हो सकता है इसे आप नजरअंदाज ना करें मासिक स्राव की गड़बड़ी के कारण गर्भपात या बांझपन को जन्म दे सकते हैं या कारण बन सकता है रितु स्राव के समय या पीरियड आने के समय आप एक हफ्ते पहले और एक हफ्ते बाद तक अपने गुप्तांग पर किसी भी साबुन या शैंपू का प्रयोग ना करें क्योंकि ऐसा करने से सफेद पानी की शिकायत और इंफेक्शन जैसी बीमारियां हो सकती हैं


✍️ यदि महीने पर पीरियड ना आए तो कई बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं जैसे
 👉  से प्रोटीन युक्त, कैल्शियम युक्त ,मिनरल से युक्त, आयरन युक्त भोजन ना करना
👉पीसीओडी का प्रॉब्लम( PCOD-poly Cystes Ovaries Syndrome )
👉 Endrometriosis
👉बच्चेदानी में सूजन आना या गांठ बनना
👉मोटापा
👉एनीमिया
👉मानसिक तनाव लेने से 
👉एंड्रोजन का अत्यधिक उत्पादन 
👉गर्भनिरोधक गोलियां खाने से 👉ओवर एक्सरसाइज करने से 👉अल्कोहल या तंबाकू लेने से 👉ज्यादा मात्रा में एलोपैथिक दवाई यूज करने से  
👉हाइपोथाइरॉएडिज्म 
👉हाइपरथाइरॉयडिज़्म
👉यदि गुप्तांग में इंफेक्शन हो जाए तो यूट्रस में भी इंफेक्शन हो जाता है जिसके कारण पीरियड आने का चांसेस कम हो जाता है



 ✍️यदि आप इरेगुलर पीरियड से परेशान हैं या पेनफुल पीरियड आता है तो आप होम्योपैथ दवा का प्रयोग करके अपने इस पीरियड संबंधित बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं मैं दवाइयों का नाम बता रहा हूं जो पीरियड से संबंधित ,बच्चेदानी में सूजन या गांठ, पेनफुल पीरियड आना  आदि मेरे द्वारा प्रैक्टिस में लाया गया मेडिसिन मैं आप लोगों को बता रहा हूं आपके लिए बहुत ही अच्छा साबित होगा
👉Cal. Phos6x 
👉Ferrum Met
👉Conium
👉Ammonium Carb
👉Ignatia
👉Seniso Q 
👉Sepia 
👉Pulletilla
👉Hydrastis Q 
👉Ipecuhana
👉Cimcifuga 
👉Nat. Mur
👉Sulphur 
👉Aconite 
👉Bryonia
👉Graphitis
👉Chamomilla
👉Nat. Carb
👉Jelsenium 
👉Belladonna 
👉Caulophylum
👉Abroma agusta Q
👉Cocullus Indica
👉Cuprum met
👉Mag phos 
👉Viburum
👉Colocynth
👉AshokaQ 
👉Kreosote 
👉Sabina
👉Crocus Satavia
👉Bio combination 15



 आप अपने घरों में रहने वाले महिलाओं बालिकाओं को जरूर जानकारी दें और किसी भी प्रकार की जानकारी  चाहिए तो आप हमारे फोन नंबर पर कॉल करके पूछ सकते हैं
 Mob. no. 9140957099


             डॉ शशिकांत


ऊपर दिए गए किसी भी दवा को खुद पर प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करें - संपादक


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