कोरोना मरीजों के लिये मददगार होगी आईआईटी की ऑक्सीजन थेरेपी डिवाइस

कानपुर 26 अगस्त (वार्ता) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की स्टार्टअप नोका रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने बुधवार को कोविड-19 मरीजों की मदद के लिए एक उच्च-प्रवाह ऑक्सीजन थेरेपी उपकरण लॉन्च किया।
स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) की इनक्यूबेट कंपनी का दावा है कि नोकर्क एच210 नामक यह अत्याधुनिक डिवाइस कोविड -19 रोगियों के उपचार में प्रभावी है और रोगियों के लिए उपयोग में आसान और आरामदायक है। यह उच्च-प्रवाह ऑक्सीजन थेरेपी उपकरण रोगी की खुद सांस लेने की क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
नोका रोबोटिक्स के सीईओ, निखिल कुरेल ने यहां पत्रकारों से कहा कि हाई-फ्लो ऑक्सीजन थेरेपी डिवाइस (एचएफओटी) नाक के जरिये मरीजों को आर्द्र ऑक्सीजन युक्त हवा प्रदान करता है, जिससे रक्त में आपूर्ति की जाने वाली ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। हाई-फ्लो ऑक्सीजन थेरेपी आसान ओरल सक्शन और एक्सपेक्टोरेशन प्रदान करता है। गर्म और नमीयुक्त गैस एपिथेलियल म्यूको-सिल्वर को भी बढ़ाती है, जिससे श्वसन संबंधी जटिलताओं जैसे निमोनिया और चितवीभ्रम जैसी अवस्था को कम किया जा सकता है।
नोकर्क एच210 ट्यूब ब्लॉकेज / डिसकनेक्शन, अनप्लग्ड टेम्परेचर सेंसर, अनप्लग्ड हीटर वायर, या यहाँ तक कि मरीज़ को ऑक्सीजन की बहुत अधिक या बहुत कम आपूर्ति के मामले में हेल्थकेयर पेशेवरों को सचेत करने के लिए विभिन्न अलार्म के साथ आता है।
उन्होंने कहा “ देश में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले रोगियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। हमारा प्राथमिक बाजार उन लोगों के इस सेगमेंट में निहित है जिन्हें एचएफओटी उपकरणों की जरूरत है।”
कुरेल ने कहा “ कोविड के पहले के समय में स्वदेशी स्थानीय ब्रांडों के स्थानीय स्तर पर बने वेंटिलेटर के बाजार लगभग नहीं के बराबर था ,क्योंकि स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों को विदेशी ब्रांडों की ओर रुख करने के लिए मजबूर किया जाता था । हालांकि, महामारी ने स्थानीय ब्रांडों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने का अवसर प्रदान किया जो सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, भारत में एचएफओटी का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे घरेलू ब्रांडों की उपस्थिति को स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। ”
प्रदीप
वार्ता


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