महिलाओं और युवाओं के हाथ में है सत्ता की चाभी

पटना 29 सितंबर (वार्ता) बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार ‘सत्ता की चाभी’ महिलाओं और युवाओं के हाथ में होगी और यही वजह है कि इस सियासी महासंग्राम में उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और महागठबंधन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
बिहार में करीब 60 प्रतिशत युवा मतदाताओं की मौजूदगी और पिछले कई चुनावों से पुरुषों की तुलना में आधी आबादी (महिलाओं) के मतदान में ज्यादा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने से राजनीतिक दलों को यह एहसास हो गया है कि सत्ता की चाभी अब इनके ही हाथ में है।
इस बार विधानसभा चुनाव में 75 लाख ऐसे युवा मतदाता हैं जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष है और वे पहली बार मतदान करेंगे। इसी तरह 20 से 29 आयु वर्ग के 1.60 करोड़ और 30 से 39 आयु वर्ग के 1.98 करोड़ मतदाता हैं। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा के चुनाव में इस आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 1.93 करोड़ थी। महज एक वर्ष में इस आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या में पांच लाख से अधिक का इजाफा हुआ है।

शिवा सूरज

जारी वार्ता


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गार्डनिंग के क्षेत्र में रोजगार की है अपार संभावनाएं: डॉ वीरेंद्र सिंह

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास

जंगल कौड़िया व खजनी से शुरू हुई जांच, ब्लॉकों पर भी टीमें बनाने का निर्देश