समाजवादी गढ़ इटावा को भगवामय बनाने में जुटी भाजपा

 इटावा, 22 फरवरी (वार्ता ) समाजवादी पार्टी का गढ़ रहे उत्तर प्रदेश के इटावा मे भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी संगठनो की सक्रियता राजनैतिक हलको मे जोरदार चर्चा के केंद्र मे बनी हुई है।

अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के तीन दिन के अधिवेशन के आज पहले दिन प्रदर्शनी का शुभांरभ पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और इटावा के सांसद रामशंकर कठेरिया ने किया । कठेरिया ने अपने संबोधन मे कहा कि कभी वो भी अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के सदस्य हुआ करते थे और आज आप देख सकते है वो कहां पर आ गये है । उन्होने कहा कि इस संगठन के प्रतिनिधियो का फीस माफ करने का काम नही होता है और ना ही प्रधानाचार्य के सामने प्रदर्शन करने का समय होता है । इस संगठन के प्रतिनिधि राष्ट्र निर्माण मे अपनी भूमिका का निर्वाह करते है ।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कानपुर प्रांत का 60 वां तीन दिनी प्रांत अधिवेशन 22 से 24 फरवरी तक आयोजित हो रहा है। दूसरे दिन राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक सम्मेलन मे शामिल होगे ।

अखिल भारतीय विधार्थी परिषद का यह अधिवेशन पहली बार इटावा में हो रहा है । जिसे इटावा के कार्यकर्ताओं के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है । तीन दिन का अधिवेशन डा.भीमराव आंबेडकर कृषि इंजीनियरिग कालेज में आयोजित किया जा रहा है । जिसमें कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के 500 चुने हुए कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं । अधिवेशन को लेकर विद्यार्थी परिषद के 200 कार्यकर्ता प्रचार प्रसार व व्यवस्था जुटाने में दिन रात जुटे रहे ।

मई 2017 मे विहिप की दुर्गा वाहिनी का प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न कराया गया जिसे राजनैतिक तौर पर काफी अहम माना गया । उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के गृहनगर इटावा मे दक्षिण में यमुना किनारे स्थित श्री सिद्ध गुफा जीव रक्षा गौशाला में विश्व हिंदू परिषद के महिला अनुसांगिक संगठन दुर्गावाहिनी कानपुर प्रांत का अभ्यास वर्ग आयोजित किया ।

इससे पहले मई 2019 मे बंजरग दल का इटावा के के.के. डिग्री कालेज में 26 मई से 3 जून तक शौर्य प्रशिक्षण समारोह आयोजित कराया जा चुका है ।

बंजरग दल के शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में कानपुर प्रान्त के अंतर्गत 21 जिलों के करीब 200 कार्यकर्ताओ ने 26 मई से 3 जून तक कार्यक्रम मे भाग लिया । सप्ताह भर प्रवास मे राष्ट्र रक्षा के अलावा अन्य संकटो से निपटने के करतब भी सीखें । इस कार्यक्रम मे सभी शिक्षाथिर्यो को दंड,राइफल और बाघा के कठिन समस्याओ को निपटने के गुरू सिखाये गये ।
असल मे भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी संगठन करीब 5 साल से इटावा से समाजवादी प्रभाव को नाकाम करने की दिशा मे सक्रिय भूमिका अदा करने जुटे हुए है । इसी कडी मे साल 2016 के मई मे इटावा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का 22 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग का आयोजन कराया गया जिसके जरिये 2017 के विधानसभा चुनावो मे अहम भूमिका अदा करने का इरादा था जिसके तहत भाजपा के इटावा सदर और भरथना सुरक्षित सीटो पर कब्जा करके अपने पक्ष मे माहौल भी बनाया ।
आरएसएस के 95 वर्ष के इतिहास में पहली बार इटावा में संघ का कोई कार्यक्रम आयोजित हुआ । आरएसएस के पथसंचलन पर मुस्लिमो की ओर से बडे पैमाने पर पुष्पवर्षा करने के कारण इटावा का पथसंचलन देशभर मे सुर्खियो मे आ गया था। यही कारण है कि समाजवादी गढ मे भाजपा और उसके सहयोगी संगठन की ताकत लगातार बढती हुई दिखाई दे रही है ।
इसके बाद विश्व हिंदु परिषद और उत्तर प्रदेश मे आदित्यनाथ योगी की अगुवाई मे भारतीय जनता पार्टी की सरकार के काबिज होने के बाद आरएसएस (राष्ट्रीय स्वंयसेवक संध) की हलचल मे एकाएक बडा इजाफा हुआ।
भारतीय जनता पार्टी और उसके संगठनो की तैयारियो का बडा फायदा एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी को साल 2019 के संसदीय चुनाव मे तब मिला जब भारतीय जनता पार्टी ने इटावा संसदीय सीट पर एक बार फिर से कब्जा कर लिया । 2014 के संसदीय चुनाव मे जहा अशोक दोहरे भाजपा से जीत पाये थे वही 2019 मे आगरा से दो दफा सांसद रहे प्रो.रामशंकर कठेरिया को इटावा भारतीय जनता पार्टी को प्रत्याशी बना कर भेजा गया । इटावा के मूल निवासी प्रो.रामशंकर ने अपनी सूझबूझ से चुनाव लड कर कामयाबी हासिल कर ली । इस तरह से एक बार फिर से भाजपा संसदीय चुनाव मे सपा गढ मे जीत का मजा चख चुकी है ।
समाजवादी गढ़ में एबीवीपी का यह तीन दिन शिविर 2022 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर खास माना जा रहा है । राजनीतिक गलियारों में इसे इटावा में हिंदुवादी संगठनो की दस्तक के रूप में देखा जा रहा है ।
इससे पहले इटावा मे 1996 मे विश्व हिंदु परिषद का ब्रज प्रांत का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था । तब राममंदिर आंदोलन प्रभावी भूमिका मे आ चुका था ।
कहा यह जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी संगठनो के जरिये समाजवादी गढ मे अपनी जडे जमाने की कोशिश मे प्रभावी तौर पर जुट गयी है जब भी किसी भी सहयोगी संगठन का कोई आयोजन होता है उसके बाद भीतरी तौर पर बनने वाली रणनीति के क्रम मे सहयोगी संगठनो के नुमाइंदे जोरदारी से जनता के बीच अपनी जडे जमाने मे जुट भाजपा का जनमत बढाने मे जुट जाते है ।
सं विनोद
वार्ता


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