प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी)गार्डनिंग (बगवानी )के क्षेत्र में रोजगार की है अपार संभावनाएं हैं जिसमे कम लागत से एक बड़ा व्यवसाय खड़ा मिया जा सकता है। मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ वीरेंद्र सिंह ने मंगलवार को औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना अंतर्गत आयोजित माली (गार्डनर) प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को गार्डनिंग के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर जानकारी देते हुए कहा की यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कम लागत से एक बहुत बड़ा व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है। डॉ सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि नए गार्डन का विकास, पुष्प व्यवसाय, नर्सरी का व्यवसाय, किचन गार्डन, के अलावा बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जो उद्यान से जुड़े हुए हैं। प्रतिभागी तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना रोजगार प्रारंभ कर सकते हैं। प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में अजय श्रीवास्तव उपाध्यक्ष सरला स्मृति संस्थान लखनऊ द्वारा जैविक खाद के उत्पादन तथा उनके भंडारण पर जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक फसलों विशेष रूप से फूल , फल , सब्जी आदि के पौधों के लिए वर्...
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल प्रेमियों के लिए 24 जुलाई 2026 की रात्रि में एक शानदार खगोलीय युति घटित होने वाली है उन्होंने बताया कि इस दौरान शुक्ल पक्ष का बढ़ता हुआ (Waxing Gibbous) चंद्रमा, वृश्चिक तारामंडल के 'हृदय' के रूप में प्रसिद्ध लाल महादानव तारे 'अन्टारेस (Antares)' के पास दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि 24 जुलाई 2026 की शाम शुक्ल पक्ष का चंद्रमा वृश्चिक तारामंडल के प्रमुख लाल महादानव तारे अन्टारेस जिसे भारतीय खगोल विज्ञान की भाषा में ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा के रूप में भी जाना जाता है जोकि चन्द्रमा के अत्यंत निकट दिखाई देगा। कैसे और कब देखें ? खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय युति नंगी आँखों से देखी जा सकेगी,वैसे तो इस खगोलीय दृश्य को देखने के लिए किसी विशेष दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनॉकुलर आदि की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि चंद्रमा और अन्टारेस की यह युति नंगी आँखों से भी आसानी से ही दिखाई देगी। हालांकि, यदि आप के पास कोई छोटी दूरबीन या विनोकुलर आदि उपकरण मौजूद हैं और आप उसका उपयोग करेंगे,तो यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट, सुंदर एवं आकर...
गोरखपुर। अपग्रेडेड चेक प्वाइंट्स के आधार पर जिले के सरकारी अस्पतालों में जांच शुक्रवार से शुरू कर दी गई। इसी कड़ी में पहले दिन दो अलग-अलग टीमों ने जंगल कौड़िया सीएचसी और खजनी पीएचसी पर जांच की। एसीएमओ डॉ नंदलाल कुशवाहा की देखरेख में जंगल कौड़िया सीएचसी, जबकि डिप्टी सीएमओ डॉ अनिल सिंह के नेतृत्व में खजनी पीएचसी पर सेवाओं की गुणवत्ता जांची गई। जांच के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने सभी ब्लॉकों में इसी तरह की टीमें बनाने का निर्देश दिया है। ब्लॉक स्तरीय टीमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उपकेन्द्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जांच करेंगी। डॉ झा ने अपने कार्यालय से सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधिकारियों और अधीक्षक के साथ वर्चुअल बैठक कर इस सम्बन्ध में अहम निर्देश दिये। सीएमओ डॉ झा ने कहा कि पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के दौरे में उपकेंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश मिले थे। यह काम और आसान हो जाएगा अगर ब्लॉकों पर भी उसी प्रकार टीमें गठित हों तथा काम करें जैसे जिला स्तर पर टीमें का...
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