सिविल लाइन मोहल्ले में गंदगी का लगा अंबार जिम्मेदार मौन

पवन गुप्ता


 गोरखपुर।प्रधानमंत्री पूरे देश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों व गांवो को स्वच्छ रखने के लिए तरह तरह के प्रयास किए जा रहे है। लेकिन प्रधानमंत्री के मिशन को सरकारी विभाग ठेंगा दिखा रहे है। शहर के वीआईपी मोहल्ले सिविल लाइन एमपी बालिका विद्यालय के सामने  बिजली विभाग द्वारा कार्यदायी संस्था को बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने का कार्य दिया गया है कार्यदायी संस्थाओं ने गड्ढे खोदकर तार को डालने के बाद गड्ढे को खुला छोड़ दिया  है जिससे मुहल्ले में कूड़े का अंबार लगा हुआ है मोहल्ले वाले परेशान हैं गड्ढे  खुदा रहने के कारण नगर निगम के कर्मचारी ना ही झाड़ू लगाने आ रहे हैं ना तो कूड़ा ले जाने वाले कूड़ा  ले जा रहे हैं जिससे सिविल लाइन महाराणा  बालिका विद्यालय के सामने कॉलोनी वाले नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों द्वारा कहा जाता है कि हमारा काम गड्ढे खोदकर  तार डाल देना है गड्ढे को पाटने का कार्य नगर निगम द्वारा कराया जाता है अब मोहल्ले वाले इस दुविधा में फंसे हुए हैं कि शिकायत करें तो किसके पास करें। वही मोहल्ले  की सम्मानित जनता कहती है कि गड्ढे जो खोदता है वही पाटता है लेकिन कार्यदाई संस्था अपना पल्ला झाड़ते हुए पीछा छुड़ा रही है  गड्ढे खुदे रहने के कारण कूडो का अंबार मोहल्लों में लगा हुआ है जिससे मोहल्ले वासी परेशान हैं स्वच्छता अभियान की धज्जियां खुले आम उड़ाई जा रही हैं। सड़को पर फैल रही गंदगी से लोगों को परेशानी हो रही है। लेकिन नगर निगम पार्षद व नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों का ध्यान सिविल लाइन महारणा बालिका विद्यालय के सामने कालोनी में नही जा रही है या जा रही है तो इसे नजरअंदाज कर दिया जा रहा है  गंदगी होने से लोगों को सड़क से निकलने के लिए मुंह पर कपड़ा रखना पड़ता है। लेकिन उसके बावजूद भी नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। लेकिन शहर को साफ सफाई के दावे करने वाली नगर निगम के दावे हवा हवाई साबित होते दिख रहे है। जिसका सीधा उदाहरण सिविल लाइन मोहल्ले  में सड़क पर पड़ी गंदगी से देखने को मिल रहा है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गार्डनिंग के क्षेत्र में रोजगार की है अपार संभावनाएं: डॉ वीरेंद्र सिंह

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास

जंगल कौड़िया व खजनी से शुरू हुई जांच, ब्लॉकों पर भी टीमें बनाने का निर्देश