रेमडेसिविर कोई जादू की छडी नहीं: प्रो.राजकुमार

 इटावा, 26 अप्रैल (वार्ता) कोरोना संक्रमण के इलाज मे सबसे कारगर माने जाने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर पर सवाल उठाते हुए सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी के वाइस चांसलर और देश के जाने माने न्यूरो सर्जन प्रो.राजकुमार ने कहा कि रेमडेसिविर कोई जादू की छड़ी नहीं है और इसके इस्तेमाल से शत प्रतिशत जान बचाने का दावा नहीं किया जा सकता।

प्रो राजकुमार ने सोमवार को यूनीवार्ता से कहा “लोग इस इंजेक्शन के पीछे भागे चले जा रहे है लेकिन इस इंजेक्शन को लेकर हुई स्डटी मे पाया गया है कि यह कोरोना संक्रमण के लिए कारगर कतई नहीं है।”
उन्होने चाइना हुई स्डटी का हवाला देते हुए कहा कि चाइना में रेमड़ेसिविर को 273 मरीजो पर परीक्षण किया जिसमे पाया गया कि यह ना तो वायरस का लोड कम करता है ना तो रिकवरी रेट पर कोई फर्क डालता है ओर ना यह मृत्यु दर कम करता है। इसलिए रेमड़ेसिविर के पीछे भागने का कोई औचित्य नही है।
चिकित्सक ने डब्लूएचओ के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि डब्लूएचओ ने 7000 लोगो पर किये परीक्षण में पाया कि रेमड़ेसिविर कोरोना वायरस पर कारगर नही है। कोई भी एंटीवायरल ऐसा नही है जो वायरस को मार डालता हो । जब इसकी क्लीनीकल 2020 मे स्टडी मात्र 53 लोगो पर की गई जिसका शोध एक बडे जर्मल मे प्रकाशित किया गया जिसमे केवल यह कहा गया कि इससे लक्षणो सुधार हो जा रहा है लेकिन यह स्डडी वैज्ञानिक तरीके से की गई बस यही से इस इंजेक्शन को लेकर कन्फूजन पैदा हो गया।
दूसरी स्डटी एक हजार मरीजो पर की गई उसमे यह दिया कि जो मरीज 14 दिन मे रिकवर हो रहे थे वह 11 दिन मे रिकवर होने लगे । इसलिए दुनिया को यह लगा कि यह कोई रामबाण आ गया।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की सबसे ज्यादा मांग है । केंद्र सरकार लगातार राज्यों को इस इंजेक्शन की सप्लाई कर रही है ।
इससे पहले भी देश के तीन विख्यात विशेषज्ञ डाक्टरों ने लोगों के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर फैले भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा है कि रेमडेसिविर कोई रामबाण नहीं है । ये केवल उन लोगों में वायरल लोड को कम करती है जिन्हें इसकी आवश्यकता होती है । उनका यह भी कहना है कि लोग रेमडेसिविर को जादू की गोली समझना बंद करें।
अस्पतालो में रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर चल रही मारामारी पर प्रो.राजकुमार पर स्पष्ट किया कि इसे जादू की गोली नहीं समझनी चाहिए । बहुत कम प्रतिशत लोगों को रेमडेसिविर की आवश्यकता होती है । उन्होने कहा कि कोरोना ठीक करने के लिए यह दवा रामबाण नहीं है।
सं प्रदीप
वार्ता

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