उप्र में मिशन शक्ति केंद्रों की ताकत होगी दोगुनी
लखनऊ, 30 दिसंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित माहौल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में मिशन शक्ति अभियान के तहत संचालित मिशन शक्ति केंद्रों को अगले वर्ष और अधिक सक्षम बनाया जाएगा, ताकि महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ पीड़िताओं तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत प्रदेश भर में 1600 मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब सरकार की योजना है कि वर्ष 2026 में इन सभी केंद्रों को दोपहिया वाहन और मोबाइल हैंडसेट जैसे आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाए, जिससे जमीनी स्तर पर कार्रवाई की रफ्तार तेज हो सके।महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी पद्मजा चौहान के अनुसार, प्रत्येक मिशन शक्ति केंद्र को चार स्कूटी और एक मोबाइल हैंडसेट उपलब्ध कराने की आवश्यकता चिन्हित की गई है। इसके तहत कुल 6400 स्कूटी और 1600 मोबाइल हैंडसेट खरीदे जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस योजना पर लगभग 67 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शासन की स्वीकृति और बजट आवंटन के बाद अगले वर्ष खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्कूटी मिलने से मिशन शक्ति की महिला पुलिस कर्मियों और टीमों की पहुंच गांवों, कस्बों और मोहल्लों तक आसान होगी। किसी भी आपात स्थिति में वे बिना देरी के मौके पर पहुंच सकेंगी। वहीं मोबाइल हैंडसेट के जरिए शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और वरिष्ठ अधिकारियों से सीधा समन्वय संभव होगा।
गौरतलब है कि योगी सरकार ने बीते वर्षों में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला हेल्पलाइन 1090, 112 आपात सेवा, पिंक बूथ, महिला डेस्क और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसी कई प्रभावी पहलें लागू की हैं। मिशन शक्ति केंद्रों को नए संसाधनों से सशक्त करने की यह योजना महिला सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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