योगी जी ने सिख समाज को सम्मान और नई पहचान दी : सरदार परविंदर सिंह


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन  सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट ने गोरखपुर आगमन पर बताया कि माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी नहीं वास्तव में सिख  समाज का सम्मान बढ़ाया है। 

माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते दस वर्षों में सिख समाज के सम्मान, सुरक्षा और सहभागिता के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की भावना के अनुरूप सभी धर्मों और वर्गों को समान सम्मान देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध पर उत्तर प्रदेश में सर्वप्रथम साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में साहिबजादा दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। लगातार तीन वर्षों तक प्रदेश में इसका आयोजन होने के बाद भारत सरकार ने इसे पूरे देश में वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है।

सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने मंदिरों की तरह ऐतिहासिक गुरुद्वारों के जीर्णोद्धार और विकास के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई। गोरखपुर के गुरुद्वारा पैडलेगंज, महद्दीपुर और जटाशंकर, आजमगढ़ के गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब, लखनऊ के ऐतिहासिक गुरुद्वारा याहियागंज, आगरा के गुरुद्वारा गुरु का ताल तथा पीलीभीत स्थित गुरुद्वारा भगत धन्ना जी सहित अनेक गुरुद्वारों के विकास कार्य कराए गए।

उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी, गुरु तेग बहादुर जी, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज तथा चारों साहिबजादों के जीवन, त्याग और बलिदान को प्रदेश के विद्यालयों की कक्षा 8, 9, 10 एवं 11 के पाठ्यक्रम में शामिल कर नई पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य भी योगी सरकार ने किया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गुरुपर्वों और शहीदी दिवसों पर गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेकते हैं तथा पगड़ी धारण कर सिख परंपरा का सम्मान करते हैं। इससे सिख समाज का सम्मान और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। साथ ही सिख समाज की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी लगातार बढ़ी है।

सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे गुरुद्वारा साहिब मोहद्दीपुर, गोरखपुर में उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इसमें गोरखपुर के गुरुद्वारा मोहद्दीपुर, पैडलेगंज और जटाशंकर के अलावा नौतनवा, खलीलाबाद, बस्ती, बहराइच, अकबरपुर-टांडा सहित पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के गुरुद्वारों के प्रधान एवं सचिव शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य प्रदेश के सभी गुरुद्वारों और सिख समाज को एक मंच पर जोड़ना है, ताकि समाज से जुड़े विषयों को संगठित रूप से राज्य सरकार के समक्ष रखा जा सके। उन्होंने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें सभी वर्गों को संवाद और सहभागिता का समान अवसर देने पर बल दिया गया है।

इस अवसर पर लखनऊ से सरदार चरणजीत सिंह होरा एवं सरदार हरप्रीत सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे।

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