गुरु पूर्णिमा पर विदेश से आए शिष्य ने, गाँव जाकर गुरु को सम्मान दिया
फरेंदा, महाराजगंज(दुर्गेश मिश्र)। पद्मश्री डा० रामचेत चौधरी जो अधिकांश सेवाकाल में विदेशों में रहे, अन्तराष्ट्रीय स्तर पर एफ.ए.ओ. में 20 वर्षों तक 40 देशों में कृषि के विकास हेतु सेवाएं दीं। काला-नमक चावल के विकास में 25 वर्षों से कार्यरत हैं। कृषि विकास की कई योजनाएं रिटायरमेन्ट के बाद भी संचालित कर रहे हैं।
बहुत जाँच पड़ताल पर उन्होंने पाया कि उनके सम्प्रति एकमात्र गुरु डा० बी. जी. शाही जीवित हैं और कम्पियरगंज तहसील के पोवा गाँव में रह रहे हैं। फोन कर सम्पर्क किया और गुरुपूर्णिमा पर गाँव जाकर शॉल व पुष्प से भावपूर्ण स्वागत / सम्मान दिया। कहा - "डा० शाही हमारे स्नातक स्तर के आदर्श व श्रेष्ठ अध्यापक थे, उनकी प्रेरणा से मैंने पादप प्रजनन (प्लांट ब्रीडिंग) विषय चुना और विश्व व देश स्तर पर ख्याति पायी; आज भी उन्हें प्रेरणा का स्रोत मानता हूँ।"
डा० चौधरी ने डा० शाही द्वारा स्थापना किए गए बाबू गुलाब सिंह महाविद्यालय - पोवा का भी निरीक्षण किया। प्रबंधक डा० रजनी कान्त मणि त्रिपाठी एवं प्राचार्या डा० सीमा त्रिपाठी से विद्यालय की प्रगति के बारे में जाना, शुभकामनाएं दीं।
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