भारत की धरती सदैव युवा शक्ति, ऊर्जा, संकल्प और सृजनशीलता से आलोकित रही है : आनंदीबेन
वाराणसी, 28 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कहा कि भारत की धरती सदैव युवा शक्ति, ऊर्जा, संकल्प और सृजनशीलता से आलोकित रही है तथा युवा केवल आयु की एक अवस्था नहीं, बल्कि असीम संभावनाओं, अनंत ऊर्जा और परिवर्तन की अदम्य चेतना का प्रतीक हैं।
राज्यपाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों ने जिस दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया है, उसे बनाए रखें। दिशा बदलने के अनेक प्रयास होंगे, लेकिन अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना है। उन्होंने कहा कि तकनीक और संस्कृति का समन्वय भारत की नई पहचान बन रहा है। विद्यार्थी केवल तकनीक के उपयोगकर्ता न बनें, बल्कि उसके सृजनकर्ता बनें। ऐसी तकनीक विकसित करें, जो मानवता की सेवा करे, भारतीय भाषाओं को नई शक्ति दे, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सहायक हो तथा समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करे।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक शक्ति है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संवेदना और संस्कृति की वाहक होती है। उन्होंने कहा कि विदेशी विद्यार्थी भारतीय विश्वविद्यालयों में केवल डिग्री प्राप्त करने के लिए नहीं आते, बल्कि भारत की भाषा, संस्कृति, सभ्यता, दर्शन, आयुर्वेद, योग और जीवन-दृष्टि को समझने के उद्देश्य से भी आते हैं।
समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, मुंबई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) कैप्टन बी.के. त्यागी थे।
दीक्षांत समारोह की थीम "विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां : विकसित भारत-2047 की आधारशिला" रखी गई थी।
सं प्रदीप
.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें